Rajsamand:15 साल से भुगतान का इंतजार, घिस गए जूते लेकिन नहीं मिला मेहनत का पैसा, अब कोर्ट का डंडा

राजसमंद. सरकारी काम पूरा करने के बाद अपने मेहनत के पैसे के लिए करीब 15 साल तक दफ्तरों के चक्कर काटने का मामला राजसमंद में सामने आया है. ठेकेदार बद्रीलाल भोई ने वर्ष 2011 में राजसमंद शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई की थी. इस काम की कुल राशि करीब 12 लाख रुपए बताई जा रही है, लेकिन इसमें से लगभग 3 लाख रुपए का ही भुगतान किया गया. बाकी करीब 9 लाख रुपए के भुगतान के लिए बद्रीलाल पिछले डेढ़ दशक से नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं. इस दौरान नगर परिषद में कई आयुक्त आए और चले गए, लेकिन बकाया भुगतान का मामला जस का तस बना रहा.
आखिरकार थक-हारकर ठेकेदार ने अपने हक के पैसे के लिए न्यायालय की शरण ली. अब कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को न्यायालय के कार्मिक कुर्की का आदेश लेकर राजसमंद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. इसके बाद नगर परिषद में हड़कंप मच गया. हालांकि आयुक्त विजेश मंत्री ने बकाया भुगतान के लिए पांच दिन का समय मांगा. लिखित प्रार्थना पत्र देने के बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई पर पांच दिन के लिए विराम लगा दिया गया है. अब देखना होगा कि करीब 15 साल से भुगतान का इंतजार कर रहे ठेकेदार को उसका बकाया पैसा कब मिलता है.
2011 में टैंकरों से पहुंचाया था पानी
मामला वर्ष 2011 का है, जब राजसमंद शहर में पानी की जरूरत को देखते हुए टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई करवाई गई थी. ठेकेदार बद्रीलाल भोई ने इस काम को पूरा किया था. बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई के इस काम की कुल राशि करीब 12 लाख रुपए थी. काम पूरा होने के बाद बद्रीलाल को करीब 3 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया, लेकिन शेष राशि का भुगतान नहीं हुआ. इसके बाद ठेकेदार ने बकाया राशि पाने के लिए नगर परिषद के चक्कर लगाने शुरू किए.
कई आयुक्त आए, लेकिन नहीं मिला भुगतान
बद्रीलाल का कहना है कि एक-दो साल नहीं, बल्कि करीब 15 साल से वह अपने भुगतान के लिए नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं. इस दौरान नगर परिषद में कई आयुक्त बदले, लेकिन उनके बकाया भुगतान का मामला आगे नहीं बढ़ सका. सरकारी काम पूरा करने के बावजूद लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने के बाद आखिरकार बद्रीलाल ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद अब नगर परिषद पर बकाया राशि के भुगतान को लेकर दबाव बढ़ गया है.
कोर्ट के कार्मिक कुर्की का आदेश लेकर पहुंचे
शुक्रवार को न्यायालय के कार्मिक कुर्की का आदेश लेकर राजसमंद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. उनके पहुंचते ही नगर परिषद प्रशासन में हलचल मच गई. कार्रवाई आगे बढ़ती, उससे पहले नगर परिषद आयुक्त विजेश मंत्री ने बकाया भुगतान के लिए पांच दिन का समय मांगा. आयुक्त की ओर से लिखित प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई को पांच दिन के लिए रोक दिया गया. अब नगर परिषद के सामने बकाया राशि के भुगतान की व्यवस्था करने की चुनौती है.
5 दिन में भुगतान का भरोसा
नगर परिषद आयुक्त विजेश मंत्री ने न्यायालय के कार्मिकों से पांच दिन का समय मांगा है. लिखित प्रार्थना पत्र के बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई टल गई है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या नगर परिषद पांच दिन के भीतर ठेकेदार की बकाया राशि का भुगतान कर पाती है. करीब डेढ़ दशक से भुगतान का इंतजार कर रहे बद्रीलाल के लिए यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही सरकारी प्रक्रिया से जुड़ा है. उनका कहना है कि काम समय पर पूरा करने के बावजूद मेहनत की कमाई के लिए उन्हें वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े.



