अजमेर का कोटेश्वर महादेव, पृथ्वीराज चौहान से जुड़ी है इस शिव मंदिर की कहानी, सावन में उमड़ता है भक्तों की भीड़

Last Updated:August 09, 2026, 10:49 IST
अजमेर के हाथी खेड़ा गांव में स्थित प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. स्वयंभू शिवलिंग, पृथ्वीराज चौहान और रानी संयोगिता से जुड़ी मान्यताओं और जलाभिषेक के अनोखे तरीके के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर बारिश में अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से भी भक्तों को आकर्षित करता है.
अजमेर. हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व माना जाता है, इस पवित्र माह में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. अजमेर भी ऐसे कई प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, इन्हीं में से एक है मराठा कालीन कोटेश्वर महादेव मंदिर जो धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. अजमेर के हाथी खेड़ा गांव में स्थित यह प्राचीन मंदिर दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख है. मंदिर को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं और लोककथाएं भी प्रचलित हैं. मंदिर के पुजारी बताते है कि यहां जो शिवलिंग है वह स्वयंभू प्रकट हुए हैं, पुजारी आगे बताते हैं कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान और रानी संयोगिता भी यहां आकर भगवान शिव की आराधना किया करते थे.
मान्यता है कि यहां महादेव के दरबार में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यहां अजमेर के अलावा आसपास के गांवों और शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. पुजारी आगे बताते है कि मंदिर की सबसे खास विशेषता है कि यहां शिवलिंग पर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया जाने वाला जल सीधे व्यर्थ नहीं जाता बल्कि पहाड़ी रास्ते से गुजरते हुए एक कुएं में पहुंचता है.
बारिश में प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता हैमंदिर के आसपास का शांत वातावरण, पहाड़ियां और प्राकृतिक हरियाली श्रद्धालुओं को अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है. सावन में बारिश के दौरान यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता है. घंटियों की गूंज, भगवान शिव के जयकारों और जलाभिषेक के बीच यह धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक महत्वपूर्ण पहचान बना हुआ है. अगर आप भी इन दिनों में कोटेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं तो यह अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां बस, टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से पहुंचा जा सकता है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
August 09, 2026, 10:49 IST



