Rajasthan

विवाह में नहीं बन रही बात? सावन के आखिरी दो सोमवार महादेव को चढ़ाएं ये चीजें, ज्योतिषी ने बताए उपाय

Last Updated:August 11, 2026, 16:23 IST

Sawan Last Two Mondays: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सावन के आखिरी दो सोमवार को शिवलिंग का विशेष अभिषेक करना शुभ फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि कुछ विशेष वस्तुओं से भगवान शिव का अभिषेक करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और सुख-समृद्धि के योग बन सकते हैं. विवाह में बाधा का सामना कर रहे लोगों के लिए भी इन दिनों किए जाने वाले कुछ धार्मिक उपायों को लाभकारी बताया जाता है. श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं. Amazon Prime DayTop Deals Inside

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस पूरे महीने शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं. श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है.यही वजह है कि इस महीने में शिवलिंग के अभिषेक का भी विशेष महत्व बताया गया है.

शिव भक्त सामान्य तौर पर भगवान शिव का जल से अभिषेक करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए अलग-अलग वस्तुओं से अभिषेक करने का उल्लेख मिलता है. कर्मकांड ज्योतिषी मनीष उपाध्याय के अनुसार, सावन में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किए गए अभिषेक को विशेष फलदायी माना गया है. उनका कहना है कि शास्त्रीय मान्यताओं में अलग-अलग वस्तुओं के अभिषेक का अलग महत्व बताया गया है.

सावन में भगवान शिव का दूध की धारा से अभिषेक करना शुभ माना जाता है. यजुर्वेद के मंत्रों के साथ दूध से अभिषेक करने की परंपरा भी बताई गई है. धार्मिक मान्यता के अनुसार दूध को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. इससे परिवार में सुख-शांति और संतान संबंधी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है.

Add as Preferred Source on Google

सावन में शिवलिंग पर दही से अभिषेक करने की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे वाहन और वैभव की प्राप्ति होती है. वहीं घी से अभिषेक को भवन और सुख-सुविधाओं से जुड़ी कामनाओं के लिए शुभ माना गया है.

सावन में स्वास्थ्य से जुड़ी कामनाओं के लिए भी भगवान शिव की पूजा की जाती है. मनीष उपाध्याय बताते हैं कि कुशा को जल में मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कुशा मिले जल से अभिषेक करने से रोग और शारीरिक कष्टों से मुक्ति की कामना की जाती है.

सावन में भगवान शिव के पंचामृत अभिषेक का भी विशेष महत्व है. पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और बूरा मिलाया जाता है. इन पांचों वस्तुओं से तैयार पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचामृत अभिषेक करने से भक्त की मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.

सावन में कच्चे नारियल के जल से भगवान शिव का अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता में इसे शत्रु बाधा और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति की कामना से जोड़ा गया है. मान्यता है कि नारियल के जल से अभिषेक करने से विरोधियों से जुड़ी परेशानियां दूर होने और व्यक्ति को मानसिक शांति मिलनेकी कामना की जा सकती है.

जिन युवक-युवतियों के विवाह में किसी कारण से लगातार बाधा आ रही है, उनके लिए भी सावन में एक छोटा सा आसान उपाय है. ज्योतिषी के अनुसार अनार के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने और शीघ्र विवाह के योग बनने की कामना की जाती है.

आर्थिक परेशानियों और धन संबंधी बाधाओं से मुक्ति की कामना के लिए सावन में गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने की मान्यता बताई गई है. ज्योतिषी के अनुसार निर्धन व्यक्ति यदि श्रद्धा के साथ भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक करता है तो उसे धन और समृद्धि की प्राप्ति की कामना की जा सकती है. इसे आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :

August 11, 2026, 16:23 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj