Kota News: 11 राज्यों के 40 टूर ऑपरेटर्स ने लिया चंबल सफारी का रोमांच, 20 किमी के सफर में दिखे मगरमच्छ-घड़ियाल

Last Updated:August 11, 2026, 11:18 IST
Kota chambal safari: कोटा की चंबल सफारी देशभर के टूर ऑपरेटर्स को आकर्षित कर रही है. 11 राज्यों से पहुंचे करीब 40 टूर ऑपरेटर्स ने 20 किलोमीटर की बोट सफारी के दौरान मगरमच्छ, घड़ियाल और दुर्लभ पक्षियों को करीब से देखा. टूर ऑपरेटर्स ने चंबल के प्राकृतिक सौंदर्य और अनोखे वाइल्डलाइफ अनुभव की जमकर तारीफ की.
कोटा. चंबल सफारी अब देशभर के टूर ऑपरेटर्स को आकर्षित कर रही है, 11 राज्यों से आए करीब 40 टूर ऑपरेटर्स ने चंबल नदी में बोट सफारी का रोमांचक अनुभव लिया. करीब 20 किलोमीटर लंबी और ढाई घंटे की सफारी के दौरान उन्होंने चंबल के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ नदी में विचरण करते मगरमच्छ, घड़ियाल और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को करीब से देखा. सफारी के दौरान वन्यजीवों की साइटिंग ने टूर ऑपरेटर्स को खासा रोमांचित किया.
मुंबई, दिल्ली, राजकोट, अहमदाबाद, शिलांग, सिलीगुड़ी, ओडिशा और मध्यप्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से आए ट्रैवल एक्सपर्ट्स ने चंबल सफारी को अनोखा अनुभव बताया. जोधपुर की विनी विलियम्स ने कहा कि देश में कई जगह बोटिंग होती है, लेकिन नाव में बैठकर नदी के बीच प्राकृतिक वातावरण में वाइल्डलाइफ देखने का अनुभव कोटा की चंबल में अलग है. टूर ऑपरेटर्स ने चंबल के शांत पानी, आसपास की पहाड़ियों और वन्यजीवों को देखकर इसकी जमकर तारीफ की.
20 किलोमीटर की सफारी में दिखा चंबल का अनोखा वाइल्डलाइफ
वाइल्डलाइफ टूरिज्म से जुड़ी और फील्ड बायोलॉजिस्ट ऊर्वशी शर्मा ने बताया कि टूर ऑपरेटर्स ने चंबल नदी में करीब 20 किलोमीटर की बोट सफारी की. यह सफारी करीब ढाई घंटे की रही, सफारी के दौरान नदी में मगरमच्छ और घड़ियाल दिखाई दिए, वहीं आसपास के क्षेत्रों में कई दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों की साइटिंग भी हुई. प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक व्यवहार में देखना पर्यटकों के लिए खास अनुभव रहा. चंबल सफारी के दो प्रमुख रूट पर्यटकों को अलग-अलग अनुभव देते हैं. किशोरपुरा से गराड़िया महादेव तक का सफारी रूट करीब 18 किलोमीटर का है, जबकि जवाहर सागर डैम से जामल्या आइलैंड तक करीब 22 किलोमीटर की बोट सफारी होती है, दोनों सफारी करीब 2 से 2.5 घंटे की होती हैं.
चंबल सफारी को देशभर में प्रमोट करने की तैयारी
होटल फेडरेशन ऑफ कोटा के महासचिव संदीप पाड़िया ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों से टूर ऑपरेटर्स को कोटा बुलाने का उद्देश्य चंबल सफारी को देश के बड़े टूरिज्म सर्किट से जोड़ना है. टूर ऑपरेटर्स खुद चंबल सफारी का अनुभव करेंगे तो वे अपने राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी कोटा की इस वाइल्डलाइफ सफारी के बारे में बता सकेंगे. चंबल नदी में बोट सफारी कोटा के पर्यटन की एक अलग पहचान बन रही है. नदी, पहाड़, मगरमच्छ, घड़ियाल और दुर्लभ पक्षियों का एक साथ दिखाई देना इसे अन्य पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है. 11 राज्यों से आए टूर ऑपरेटर्स की सकारात्मक प्रतिक्रिया से उम्मीद है कि आने वाले समय में चंबल सफारी को देशभर के टूर पैकेज में प्रमुख स्थान मिल सकता है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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August 11, 2026, 11:18 IST



