बीजेपी की सरकार में अपने ही गृह जिले में अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा

Last Updated:August 12, 2026, 15:26 IST
Alwar Latest News : क्या राजस्थान की बीजेपी सरकार में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं? अलवर जिले में आज हुए घटनाक्रम से तो कुछ ऐसा ही जाहिर हो रहा है. सूबे की भजनलाल सरकार के वन मंत्री संजय शर्मा आज अपने ही गृह जिले में अधिकारियों से खफा होकर उनके खिलाफ धरने पर बैठ गए. वन मंत्री संजय शर्मा ने अधिकारियों पर हठधर्मिता करने का आरोप लगाया है. मंत्री की नाराजगी का कारण जिले के सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलना है. जानें क्या है पूरा मामला. अलवर में नगर निगम में धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा.
अलवर. अलवर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब वन मंत्री संजय शर्मा अपने ही गृह जिले अलवर में अधिकारियों की हठधर्मिता से परेशान होकर उनके खिलाफ धरने पर बैठ गए और उन पर जमकर भड़ास निकाली. मंत्री संजय शर्मा जिस मामले को लेकर नाराज हुए वह सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है. मंत्री के धरने पर बैठने की सूचना से वहां हड़कंप मच गया. मंत्री ने जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मंत्री संजय शर्मा ने सीधे जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि उनकी गरीब सफाई कर्मचारियों को नौकरी देने की मंशा ही नहीं है.
अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला अब सियासी तूल पकड़ गया है. 2012 में हुई 329 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के बाद लंबे समय से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के समर्थन में बुधवार को वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम परिसर पहुंच गए और सफाई कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए. उन्होंने कहा कि तत्कालीन नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका भी उन्हें लगातार गुमराह करते रहे.
पात्र कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिए जा रहे हैं?शर्मा ने कहा कि कभी उन्हें 100 अभ्यर्थी एलिजिबल बताए गए तो कभी 87 और कभी 69. लेकिन जब उन्होंने डीएलबी से बात की तो उन्हें जानकारी दी गई कि 329 सफाई कर्मचारी एलिजिबल हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि पात्र कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिए जा रहे हैं? मंत्री संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति देने के आदेश हो चुके हैं और उन्होंने स्वयं कई बार सरकार को पत्र लिखे हैं.
वन मंत्री ने जिला प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी जताईतत्कालीन आयुक्त ने भी चार-पांच बार पत्राचार कर मार्गदर्शन मांगा था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सचिव अरोड़ा से भी इस संबंध में बातचीत की गई है. इसके बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई. वन मंत्री ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि नियुक्ति के नाम पर किसी तरह की डिमांड की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि जब तक अलवर के गरीब सफाई कर्मचारियों की कोई डिमांड पूरी नहीं होगी और उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिलते तब तक वे कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे रहेंगे. वन मंत्री ने जिला प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी जताई.
सफाई कर्मचारी अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैंउन्होंने कहा कि आज जिला कलेक्टर से बातचीत के दौरान ऐसा लगा जैसे अधिकारी खुद को राजा और जनता को प्रजा समझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारियों का ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सफाई कर्मचारी अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. गौरतलब है कि मंगलवार को भी सफाई कर्मचारियों ने नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था. लंबे समय से नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश है. अब वन मंत्री के खुद धरने पर बैठने से यह मामला और गरमा गया.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 15:26 IST



