Bhilwara Manshapurna Mahadev 12 Jyotirlinga Temple

Last Updated:August 12, 2026, 06:32 IST
Bhilwara Manshapurna Mahadev 12 Jyotirlinga Temple: भीलवाड़ा के हरणी महादेव तीर्थ के पास मंशापूर्ण महादेव मंदिर में एक ही 5 फीट ऊंचे शिवलिंग में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होते हैं. 70 साल पुराने इस मंदिर के गर्भगृह में कांच की ऐसी व्यवस्था है कि भक्त एक ही स्थान से सभी ज्योतिर्लिंग देख सकते हैं. सावन में यहां रोजाना दो बार रुद्राभिषेक और तीन बार विशेष श्रृंगार होता है. मान्यता है कि यहां पूजा करने से 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का फल मिलता है, जिससे सावन में भारी भीड़ उमड़ रही है.
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Bhilwara: भगवान शिव की उपासना के पवित्र सावन माह में देशभर के शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रहे हैं. राजस्थान के वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में भी एक ऐसा चमत्कारिक शिव मंदिर स्थित है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. शहर के प्रसिद्ध हरणी महादेव तीर्थ स्थल के निकट स्थित मंशापूर्ण महादेव मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भक्त एक ही शिवलिंग में एक साथ देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन कर सकते हैं. मान्यता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर श्रद्धालुओं को 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा और दर्शन के समान ही पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
अरावली की पहाड़ियों के मनोरम वातावरण के बीच बसे इस मंशापूर्ण महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 5 फीट है. मंदिर के पुजारी पंडित शिवम शर्मा के अनुसार, भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर की स्थापना लगभग 70 वर्ष पूर्व शिवभक्त रामस्वरूप अग्रवाल द्वारा कराई गई थी. जो लोग आर्थिक या शारीरिक कारणों से देश के अलग-अलग कोनों में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने में असमर्थ हैं, वे यहां आकर अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ-साथ शिव परिवार, ब्रह्मा, विष्णु, महेश और भगवान शनिदेव के दर्शन भी भक्तों को प्राप्त होते हैं.
कांच की विशेष कारीगरी से एक ही जगह से दिखते हैं सभी रूपइस मंदिर के गर्भगृह की बनावट बेहद तकनीकी और आध्यात्मिक रूप से अद्वितीय है. शिवलिंग के चारों तरफ 12 ज्योतिर्लिंगों का स्वरूप उकेरा गया है. भक्तों को एक ही स्थान पर खड़े होकर इन सभी रूपों का दर्शन हो सके, इसके लिए मंदिर के गर्भगृह की ऊपरी छत पर चारों दिशाओं में विशेष प्रकार के कांच (दर्पण) लगाए गए हैं. जब कोई श्रद्धालु मुख्य स्थान पर खड़ा होता है, तो कांच के प्रतिबिंब के जरिए उसे एक ही नजर में सभी 12 ज्योतिर्लिंग स्पष्ट दिखाई देते हैं. इस अनोखी व्यवस्था के कारण दर्शनार्थियों को असीम शांति और संतुष्टि का अनुभव होता है.
सावन में तीन बार विशेष श्रृंगार और दो बार रुद्राभिषेकसावन के महीने में मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं. प्रतिदिन प्रातः मंगला आरती के पश्चात भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है और मनमोहक विशेष श्रृंगार रचाया जाता है. पुजारी बताते हैं कि सावन भर रोजाना तीन बार प्रभु का अलग-अलग रूपों में श्रृंगार और दो बार रुद्राभिषेक संपन्न होता है. पूरे महीने यहां व्रतधारी और दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों का तांता लगा रहता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 06:32 IST



