Reverse Walking: पीछे की ओर चलना भी है सेहत के लिए फायदेमंद! जानें रिवर्स वॉकिंग के 5 बड़े फायदे

Walking Trend: स्वस्थ रहने के सबसे आसान तरीकों में से एक है पैदल चलना. लेकिन क्या आपने कभी अपनी दिनचर्या में पीछे की ओर चलने यानी “रिवर्स वॉकिंग” को शामिल करने के बारे में सोचा है? हालांकि यह सामान्य रूप से चलने से अलग है, लेकिन यह शरीर के संतुलन, पैरों की मांसपेशियों और तालमेल पर अनोखे तरीके से काम कर सकता है. फिर भी इसे शुरू करते समय सुरक्षा पर खास ध्यान देना जरूरी है…
1. पैरों की मांसपेशियों पर असर पड़ता हैपीछे की ओर चलने में शरीर की ऐसी हरकतें शामिल होती हैं जो सामान्य चाल से अलग होती हैं. इसके लिए पैरों की खास मांसपेशियों को अलग तरह से काम करना पड़ता है. नियमित और नियंत्रित अभ्यास से पैरों की ताकत बढ़ सकती है और मांसपेशियों के इस्तेमाल में विविधता आ सकती है.
2. संतुलन और तालमेल बेहतर होता हैरोज 10 मिनट पीछे की ओर चलने के लिए आपको अपने आस-पास के माहौल का ध्यान रखते हुए पीछे कदम बढ़ाने होते हैं. इससे आपके शरीर के संतुलन और हाथ-पैर के तालमेल को चुनौती मिलती है. इसलिए, कुछ लोग इसे संतुलन बनाने की ट्रेनिंग के तौर पर अपनी एक्सरसाइज़ रूटीन में शामिल करते हैं.
3. घुटनों पर पड़ने वाला दबाव बदलता हैपीछे की ओर चलने के दौरान पैरों की हरकतें सामान्य चाल से अलग होती हैं. कुछ स्टडीज़ में पीछे की ओर चलने और ऐसी ट्रेनिंग को घुटनों पर पड़ने वाले दबाव और मांसपेशियों के इस्तेमाल के तरीकों में बदलाव से जोड़ा गया है. हालांकि, इसे घुटनों की समस्याओं का इलाज नहीं माना जाना चाहिए.
4. मन और शरीर के बीच तालमेल बेहतर होता हैहम आम तौर पर बिना ज़्यादा सोचे-समझे आगे की ओर चलते हैं. इसके उलट, पीछे की ओर चलने के लिए शरीर को हर कदम पर ज़्यादा ध्यान देना पड़ता है. इससे मोटर कंट्रोल, आस-पास की जगह का अंदाज़ा लगाने की क्षमता और मन व शरीर के बीच तालमेल को चुनौती मिलती है.
5. आपकी वॉकिंग रूटीन में विविधता आती हैअगर आपको अपनी रोज़ाना की वॉकिंग रूटीन उबाऊ लगती है, तो पीछे की ओर चलना एक नया और अच्छा विकल्प हो सकता है. अपनी नियमित वॉक में इसे बस कुछ मिनटों के लिए शामिल करके शुरुआत करें. आप धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं, लेकिन हमेशा आराम और सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
पीछे की ओर चलने का अभ्यास कैसे करें?हमेशा समतल, साफ़ और सुरक्षित जगह चुनें. बहुत धीमी गति से शुरुआत करें और पीछे मुड़कर देखते हुए या किसी भरोसेमंद साथी की देखरेख में अभ्यास करें. इसे सड़कों, सीढ़ियों, भीड़-भाड़ वाली जगहों या ऊबड़-खाबड़ ज़मीन पर करने से बचें. अगर आपको चक्कर आए, दर्द हो या बेचैनी महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा



