सावन में शिवमय हुआ पुष्कर, सरोवर से जल लेने उमड़े सैकड़ों कांवड़ यात्री

Last Updated:August 12, 2026, 06:26 IST
Pushkar Kanwar Yatra 2026: सावन माह में अजमेर की तीर्थ नगरी पुष्कर में श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है. प्रतिदिन 300 से अधिक और रविवार-सोमवार को हजारों कांवड़िए पवित्र पुष्कर सरोवर से जल भरने पहुंच रहे हैं. तीर्थ पुरोहित सुरेंद्र राजगुरु के अनुसार, सावन सोमवार पर पुष्कर जल से जलाभिषेक करने से अक्षय पुण्य मिलता है. रंग-बिरंगी कांवड़ों और पूजा सामग्री से बाजार सज गए हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है. पूरा माहौल बम-बम भोले के जयकारों से शिवमय हो गया है.
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Pushkar Kanwar Yatra 2026: अजमेर जिले से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ नगरी पुष्कर में इन दिनों सावन के पवित्र महीने के चलते श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है. भगवान शिव की भक्ति में लीन श्रद्धालु दूर-दूर से पुष्कर पहुंच रहे हैं. इस सावन माह में रोजाना 300 से अधिक कांवड़ यात्री पुष्कर आकर पवित्र पुष्कर सरोवर से जल भरने और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं. पूरा क्षेत्र शिवभक्तों की आवाजाही और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजायमान हो उठा है.
पुष्कर के तीर्थ पुरोहित सुरेंद्र राजगुरु के अनुसार, सप्ताह के अन्य दिनों की तुलना में रविवार और सोमवार को कांवड़ यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो जाती है. इन दो दिनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर पुष्कर सरोवर के घाटों पर पहुंचते हैं. सावन का सोमवार भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. इसी वजह से जो श्रद्धालु दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, वे रविवार को ही पुष्कर पहुंचकर सरोवर का पवित्र जल भर लेते हैं ताकि सोमवार को तड़के अपने स्थानीय या नजदीकी शिव मंदिरों में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर सकें.
पुष्कर सरोवर जल का महत्व और पौराणिक मान्यताएंतीर्थ पुरोहित बताते हैं कि सनातन परंपरा में पुष्कर सरोवर को ‘तीर्थराज’ यानी सभी तीर्थों का राजा कहा गया है. यहां के जल को अत्यंत पवित्र और पावन माना जाता है. ऐसी पौराणिक मान्यता है कि सावन के महीने में पुष्कर सरोवर में स्नान करने, इसके पवित्र जल का पूजन करने और इस जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इसी अटूट विश्वास के कारण न केवल अजमेर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए यहां खींचे चले आते हैं.
रंग-बिरंगी कांवड़ों से सजे बाजार, कारोबारियों में खुशी का माहौलशिवभक्तों की भारी आवाजाही को देखते हुए पुष्कर के स्थानीय बाजार भी कांवड़ यात्रा से जुड़ी सामग्रियों से पूरी तरह सज चुके हैं. बाजारों में साधारण से लेकर आधुनिक और विशेष डिजाइन वाली रंग-बिरंगी कांवड़ें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इसके अलावा पूजा सामग्री, गेरुए वस्त्र, फूल-मालाएं, पीतल व तांबे के जलपात्र और धार्मिक सामानों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी खरीदारी देखने को मिल रही है. सावन के इस पवित्र सीजन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के चेहरों पर भी मुस्कान है और उन्हें बेहतरीन कारोबार की उम्मीद है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pushkar,Ajmer,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 06:26 IST



