अलवर मेयर की लॉटरी ने बदला पूरा सियासी गणित, अनारक्षित महिला सीट पर किसी भी वर्ग की महिला बन सकेगी मेयर

Last Updated:August 13, 2026, 17:15 IST
Alwar Nagar Nigam Mayor: अलवर नगर निगम में पहली बार महिला मेयर बनने का रास्ता साफ हुआ है. स्वायत्त शासन विभाग की ओर से मेयर पद की लॉटरी में अनारक्षित महिला सीट निकली है. इसका मतलब है कि किसी भी वर्ग की महिला मेयर बन सकती है. वहीं नगर निगम की सभी 12 सीटों को आरक्षित किया गया है. मेयर पद के आरक्षण के बाद भाजपा और कांग्रेस में सियासी गणित को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पिछले 26 वर्षों में अलवर नगर परिषद में अलग-अलग वर्गों से सभापति रहे हैं. पिछले कार्यकाल में अलवर नगर परिषद को नगर निगम बनाया गया था.
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अलवर में मेयर पद की तस्वीर साफ, महिला के लिए आरक्षित हुई सीट
अलवर: अलवर के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. अलवर नगर निगम को जल्द ही अपनी पहली निर्वाचित महिला मेयर मिलने जा रही है. जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग में लॉटरी की प्रक्रिया के दौरान जब अलवर मेयर का पद ‘अनारक्षित महिला’ वर्ग के लिए निकला, तो पूरे शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई. इस पद के अनारक्षित होने के कारण अब किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी इस शीर्ष पद पर काबिज हो सकती है. वहीं, प्रदेश की सभी 12 नगर निगमों की सीटें आरक्षित हो जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं.
मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस—दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में अंदरखाने तैयारियां और नए सियासी गणित बनने शुरू हो गए हैं. आरक्षित वर्ग के ऐसे कई वरिष्ठ नेता, जो अब तक केवल पार्षद चुनाव लड़ने से कतरा रहे थे, वे भी अब अपनी पत्नियों या परिवार की महिला सदस्यों को मैदान में उतारकर मेयर पद हथियाने की रणनीति बनाने लगे हैं. दोनों ही दल अब ऐसे मजबूत और प्रभावशाली महिला चेहरों की तलाश में जुट गए हैं, जो पार्टी को जीत दिला सकें.
पिछले 26 वर्षों का इतिहास और अलवर का निगम बनने का सफरअलवर के स्थानीय निकाय इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 26 वर्षों में दो बार ओबीसी महिला तथा तीन बार सामान्य व सामान्य महिला वर्ग से सभापति निर्वाचित हुए हैं. गौरतलब है कि पिछले बोर्ड के कार्यकाल के बीच में ही अलवर नगर परिषद को पदोन्नत करके नगर निगम का दर्जा दिया गया था. उस दौरान तत्कालीन कार्यकारी सभापति को ही पदोन्नत कर मेयर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, इससे पूर्व सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर चुनी गईं पूर्व सभापति को रिश्वत के एक मामले में पद से बर्खास्त कर दिया गया था. उनके बाद उप-सभापति को सभापति और फिर बाद में मेयर का कार्यभार सौंपा गया था.
दो साल के प्रशासक राज के बाद फिर लौटेगी जनता की सरकारपिछले लगभग दो वर्षों से अलवर नगर निगम की कमान प्रशासक के रूप में अलवर जिला कलेक्टर संभाल रही हैं. निर्वाचित बोर्ड न होने के कारण शहर के विकास कार्य और स्थानीय मुद्दे अफसरशाही के भरोसे चल रहे थे. अब लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने और महिला मेयर का रास्ता साफ होने से शहरवासियों में भी नई उम्मीद जागी है. जल्द ही होने वाले निकाय चुनावों के बाद अलवर को न केवल एक नया निर्वाचित बोर्ड मिलेगा, बल्कि पहली बार सीधे तौर पर चुनी गई महिला मेयर शहर के विकास की कमान संभालेंगी.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Alwar,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 17:15 IST



