breastfeeding best positions for mother and baby | क्या आप बच्चे को सही तरीके से करा रही है स्तनपान? जानिए मां और बच्चे के लिए कौन सी पोजीशन रहेगी बेस

Breastfeeding Tips for Mothers: नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे महत्वपूर्ण आहार माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, स्तनपान के दौरान केवल बच्चे को दूध पिलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चे की सही पोजीशन और सही लैच (स्तन पकड़ने का तरीका) का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. गलत तरीके से स्तनपान कराने पर बच्चे को दूध पीने में परेशानी हो सकती है, जबकि मां को निप्पल में दर्द या असहजता का सामना करना पड़ सकता है. सही पोजीशन में स्तनपान कराने से बच्चा बेहतर तरीके से दूध पी पाता है और मां के लिए भी प्रक्रिया अधिक आरामदायक रहती है. इसके अलावा, बच्चे का सिर और गर्दन सही स्थिति में रखना महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में हर मां के लिए यह जानना जरूरी है कि स्तनपान के दौरान बच्चे को किस तरह पकड़ना चाहिए और सही लैच कैसे सुनिश्चित करना चाहिए. आइए जानते हैं सही तरीके से स्तनपान कराने की जरूरी बातें और इसके फायदे.
सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन अपनाने की सलाहस्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन अपनाने से बच्चे को पर्याप्त दूध मिलता है और मां को भी कमर, गर्दन और कंधों में दर्द की समस्या कम होती है. साथ ही बच्चे को सही तरीके से स्तन पकड़ने में आसानी होती है, जिससे निप्पल में दर्द या घाव होने की संभावना भी घट जाती है.
ब्रेस्टफीडिंग के लिए क्रैडल होल्ड पोजीशनस्तनपान के लिए कई तरह की पोजीशन अपनाई जा सकती हैं. क्रैडल होल्ड सबसे आम तरीका है, जिसमें बच्चा मां की बांह पर आराम से लेटा रहता है और उसका सिर मां की कोहनी के पास होता है. क्रॉस-क्रैडल होल्ड में मां दूसरी बांह से बच्चे के सिर और गर्दन को सहारा देती है. यह पोजीशन खासतौर पर नवजात शिशुओं के लिए काफी मददगार मानी जाती है.
ब्रेस्टफीडिंग के लिए लेड-बैक पोजीशनइसके अलावा लेड-बैक पोजीशन भी काफी लोकप्रिय है. इसमें मां हल्का पीछे की ओर टिककर बैठती है और बच्चा उसके सीने पर लेटकर खुद ही स्तन पकड़ने की कोशिश करता है. यह तरीका बच्चे की प्राकृतिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है.
सिजेरियन के बाद इस पोजीशन में करवाएं ब्रेस्टफीडिंगअगर मां को आराम की जरूरत हो, खासकर रात के समय या सिजेरियन डिलीवरी के बाद, तो साइड-लाइंग पोजीशन बेहतर विकल्प हो सकती है. इसमें मां और बच्चा दोनों एक-दूसरे की ओर करवट लेकर लेटते हैं और आराम से स्तनपान कराया जा सकता है. वहीं रिक्लाइनिंग पोजीशन में मां आधी लेटी हुई अवस्था में रहती है और बच्चा उसके सीने से सटा होता है.
मां और बच्चे दोनों को हो आरामविशेषज्ञों का कहना है कि हर मां और बच्चे की जरूरत अलग होती है. इसलिए कोई एक पोजीशन सभी के लिए सही नहीं होती. जो तरीका मां और बच्चे दोनों के लिए सबसे आरामदायक हो, वही अपनाना चाहिए. अगर स्तनपान कराने में किसी तरह की परेशानी हो, जैसे बच्चे का सही तरीके से दूध न पीना, दर्द होना या दूध कम आना, तो बिना झिझक अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर या स्तनपान सलाहकार से सलाह लें.
मां और बच्चे के लिए बेस्टक्रैडल होल्ड:यह सबसे आम पोजीशन है. इसमें बच्चा माँ की गोद में होता है और उसका सिर माँ की कोहनी के मोड़ पर टिका होता है. यह 1-2 महीने से बड़े बच्चों के लिए बेस्ट है.
क्रॉस-क्रैडल होल्ड:न्यूबॉर्न (नवजात) बच्चों के लिए यह सबसे बेहतरीन पोजीशन मानी जाती है. इसमें बच्चे के सिर को हाथ की हथेली से सपोर्ट दिया जाता है, जिससे लैचिंग में आसानी होती है.
साइड-लाइंग पोजीशन:इसमें माँ और बच्चा दोनों करवट लेकर लेटे होते हैं. सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) वाली माताओं और रात में दूध पिलाने के लिए यह पोजीशन बहुत आरामदायक होती है.
फुटबॉल या क्लच होल्ड:इसमें बच्चे को बगल के नीचे (जैसे फुटबॉल पकड़ी जाती है) रखा जाता है. यह पोजीशन जुड़वा बच्चों या बड़े ब्रेस्ट वाली माताओं के लिए बेस्ट मानी जाती है.



