‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ से ‘वतन के आगे कुछ नहीं’ तक, वो दमदार डायलॉग्स, जिन्होंने जगाई देशभक्ति की अलख

Last Updated:August 15, 2026, 11:07 IST
भारतीय सिनेमा ने हमेशा से ही अपनी कहानियों और दमदार डायलॉग्स से देशप्रेम की अलख जगाई है. कुछ डायलॉग्स तो ऐसे हैं, जो थियेटर की दीवारों से निकलकर हर भारतीय के दिल और जुबान पर हमेशा के लिए बस गए. ‘उरी’ का बुलंद नारा ‘हाउज द जोश?’, ‘गदर’ का गर्जना भरा ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’, और ‘राजी’ का ‘वतन के आगे कुछ नहीं’, ये सिर्फ लाइनें नहीं, बल्कि हर भारतीय के स्वाभिमान का प्रतीक हैं. स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर आपको बॉलीवुड फिल्मों के आइकॉनिक डायलॉग्स के बारे में बताते हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में अब तक कई देशभक्ति फिल्में बन चुकी हैं. कुछ मूवीज में ऐसे डायलॉग्स हैं जो थियेटर से बाहर निकलने के सालों बाद भी रोंगटे खड़े कर देते हैं. ‘उरी’ का बुलंद नारा ‘हाउज द जोश?’, ‘राजी’ का ‘वतन के आगे कुछ नहीं’, या फिर चक दे इंडिया’ की ‘सिर्फ एक मुल्क का नाम- इंडिया’, ये सिर्फ डायलॉग नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावना हैं. 15 अगस्त के इस खास मौके पर आपको भारतीय सिनेमा के ऐसे ही आइकॉनिक डायलॉग्स के बारे बताते हैं, जो आज भी लोगों के दिलों में देशभक्ति का अलख जगाते हैं.
उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक: फिल्म का एक डायलॉग ‘ये हिंदुस्तान अब चुप नहीं बैठेगा, ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी’ परेश रावल ने बोला था, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था. उरी में भारतीय जवानों पर आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई की तैयारी के दौरान यह डायलॉग फिल्म में दिखाया जाता है. फिल्म में परेश रावल ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) गोविंद भारद्वाज का किरदार निभाया था, जिसे वास्तविक जीवन के एनएसए अजीत डोभाल से प्रेरित बताया जाता है. इस सीन के बाद भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी और मिशन की तरफ बढ़ती है.
राजी: इस फिल्म में आलिया भट्ट के किरदार सहमत का एक डायलॉग आता है, जिसमें वह कहती है, ‘वतन के आगे कुछ नहीं, खुद भी नहीं’. दरअसल, मेघना गुलजार की फिल्म में सहमत एक भारतीय लड़की है, जो 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान के एक सैन्य परिवार में शादी करके वहां से भारत के लिए खुफिया जानकारी जुटाती है. उसके सामने एक तरफ उसका परिवार और निजी रिश्ते हैं, दूसरी तरफ देश के लिए उसकी जिम्मेदारी. इस दौरान यह डायलॉग सामने आता है.
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चक दे इंडिया: फिल्म में शाहरुख खान का किरदार कबीर खान भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों के अंदर जोश भरने के लिए एक डायलॉग बोलता है- ‘मुझे स्टेट्स के नाम न सुनाई देते हैं, न दिखाई देते हैं, सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है इंडिया’. फिल्म में टीम की खिलाड़ी अलग-अलग राज्यों से आती हैं और शुरुआत में अपनी पहचान को लेकर आपस में बंटी हुई हैं. कबीर उन्हें समझाता है कि मैदान पर वे अपने-अपने राज्य के लिए नहीं, बल्कि भारत के लिए खेल रही हैं.
गदर-एक प्रेम कथा: देशभक्ति से लबरेज इस फिल्म में सनी देओल के किरदार तारा सिंह का डायलॉग ‘हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’ काफी लोकप्रिय हुआ था. फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान के बंटवारे और उसके बाद तारा सिंह के अपने परिवार को वापस लाने के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है. इस सीन में तारा सिंह अपने देश के प्रति गर्व जाहिर करता है. उसका यह मजबूत अंदाज लोगों के दिल को छू गया था.
सैम बहादुर : फिल्म का डायलॉग ‘अमृतसर की पैदाइश हूं, बीवी बॉम्बे की है, दिल्ली में काम करता हूं, इससे ज्यादा इंडियन क्या हो सकता हूं? विक्की कौशल ने बड़े ही बेबाक अंदाज में बोला था. फिल्म में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के किरदार में विक्की कौशल नजर आए थे. फिल्म में सैम मानेकशॉ के सैन्य करियर और उनके व्यक्तित्व को दिखाया गया है.
गदर 2: फिल्म ‘गदर 2’ का सबसे धमाकेदार और रोंगटे खड़े कर देने वाला देशभक्ति डायलॉग तब आता है, जब तारा सिंह (सनी देओल) कहता है, ‘अगर यहां के लोगों को दोबारा मौका मिले न कि वो हिंदुस्तान जा सकते हैं, तो आधा पाकिस्तान खाली हो जाएगा. कटोरा लेकर घूमोगे, भीख भी नहीं मिलेगी. यह सिर्फ एक डायलॉग नहीं, बल्कि भारत की समृद्धि, स्वाभिमान और ताकत का वो अहसास है जो हर भारतीय के दिल में गर्व और देशभक्ति का नया जोश भर देता है.
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August 15, 2026, 11:07 IST



