द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ का खौफनाक हादसा, पलभर में जला पूरा सेट, चली गई थीं 52 जानें, हीरो की हुईं 70 सर्जरी

Last Updated:August 15, 2026, 16:16 IST
Doordarshan’s Most Tragic Show: 36 साल पहले दूरदर्शन के एक मशहूर टीवी शो के सेट पर ऐसा भयानक हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. शूटिंग के दौरान लगी भीषण आग में 52 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी, वहीं शो के लीड एक्टर को खुद को बचाने के लिए 70 से ज्यादा सर्जरी करानी पड़ी थीं. जानिए भारतीय टीवी इतिहास की इस सबसे दर्दनाक कहानी के बारे में.
नई दिल्ली: 36 साल पहले दूरदर्शन पर एक ऐसा टीवी शो आया था, जिसने इतिहास तो रचा लेकिन इसके पीछे एक बहुत ही दर्दनाक हादसा छुपा हुआ था. हम बात कर रहे हैं मशहूर ऐतिहासिक सीरियल ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ की. साल 1989 में मैसूर में इस शो की शूटिंग के दौरान सेट पर इतनी भीषण आग लग गई थी कि इसमें करीब 52 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी.
इस हादसे में शो के मेन एक्टर और डायरेक्टर संजय खान भी बहुत बुरी तरह झुलस गए थे और उन्हें ठीक होने में महीनों का समय लग गया था.
मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में हुआ था हादसा
ये दर्दनाक हादसा 8 फरवरी 1989 को मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में हुआ था. उस दिन सेट पर एक शादी का सीन शूट किया जा रहा था, जिसके लिए पटाखों और भारी आतिशबाजी का इंतजाम किया गया था. शूटिंग के दौरान अचानक एक चिंगारी से सेट पर आग भड़क उठी. स्टूडियो में आग बुझाने के सही इंतजाम नहीं थे और वहां रखी लकड़ी और फोम की वजह से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया.
जान बचाने के लिए नहीं था कोई रास्ता
सेट पर आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. स्टूडियो में सिर्फ एक ही दरवाजा था, जिसकी वजह से वहां भगदड़ मच गई. धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे क्रू मेंबर्स और जूनियर आर्टिस्ट बाहर नहीं निकल पाए. इस भयानक हादसे में लगभग 52 से ज्यादा लोगों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई थी, जो भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे काले दिनों में गिना जाता है.
महीनों तक जिंदगी की जंग लड़े संजय खान
इस हादसे में शो के लीड एक्टर और डायरेक्टर संजय खान भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उनका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया था.संजय खान को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कई महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे. डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए 70 से ज्यादा सर्जरी करनी पड़ी थीं. लंबे इलाज और मजबूत हौसले के बाद आखिरकार वह ठीक होकर वापस लौटे.
मुश्किलों के बाद भी पूरा किया टीवी शो का सपना
इतने बड़े हादसे और शारीरिक तकलीफों के बावजूद संजय खान ने हार नहीं मानी. ठीक होने के बाद उन्होंने इस शो को दोबारा पूरा करने का फैसला किया. साल 1990 में दूरदर्शन पर ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ का टेलीकास्ट शुरू हुआ. दर्शकों ने इस सीरियल को बेहद प्यार दिया और यह भारतीय टीवी इतिहास के सबसे सफल शो में से एक बन गया. हालांकि, इस शो की अपार सफलता के पीछे 52 से ज्यादा मासूम लोगों की जान जाने का गम आज भी जुड़ा हुआ है.
About the Authorगार्गी द्विवेदीSub Editor
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August 15, 2026, 16:16 IST



