Rajasthan

Ground Report: बारिश में जर्जर स्कूल बना खतरा, लेकिन बेखौफ सिस्टम…पानी और दरारों के बीच हो रही बच्चों की पढ़ाई

Last Updated:August 18, 2026, 15:15 IST

Ground report: जयपुर के जवाहर नगर स्थित सरकारी स्कूल में बारिश के दौरान पानी भरने और जर्जर भवन की वजह से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जर्जर होने के कारण स्कूल का निचला फ्लोर बंद है, जबकि ऊपरी मंजिल पर कक्षाएं जारी हैं. पूरी इमारत में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं. न्यूज18 राजस्थान की ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए स्कूल के हालात और जानिए आखिर किस जोखिम के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं.एक मंजिल जर्जर तो दूसरी पर पढ़ाई क्यों? जवाहर नगर के स्कूल से ग्राउंड रिपोर्टZoomजवाहर नगर सरकारी स्कूल

जयपुर. राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, खासकर बारिश के मौसम में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है. जयपुर के जवाहर नगर स्थित एक सरकारी स्कूल में हालात ऐसे हैं कि बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाने के दावों पर सवाल खड़े होते हैं. स्कूल के ताजा हालात को लेकर न्यूज 18 के रिपोर्टर ने जब धरातल पर जाकर देखा तो हालात चौंकाने वाले थे, कारण स्कूल की दिवारों की हालत जर्जर, बारिश के मौसम में स्कूल में भरता पानी और ऐसे हालातों में बच्चों को इसी स्कूल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था.

जवाहर नगर के इस सरकारी स्कूल में बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या सामने आती है. स्कूल का निचला फ्लोर जर्जर हालत में होने के कारण बंद कर दिया गया है. ऐसे में बच्चों की कक्षाएं ऊपरी मंजिल पर संचालित की जा रही हैं, लेकिन चिंता सिर्फ निचली मंजिल तक सीमित नहीं है.

पूरी इमारत पर सवाल

स्कूल की इमारत को देखने पर जगह-जगह दरारें नजर आती हैं, दीवारों और भवन की हालत देखकर साफ पता चलता है कि इमारत को तत्काल सुरक्षा जांच और मरम्मत की जरूरत है. बारिश के दौरान ऐसी इमारत में बच्चों और शिक्षकों की मौजूदगी जोखिम बढ़ा सकती है. निचले फ्लोर को जर्जर होने के कारण बंद कर दिया गया है, लेकिन ऊपर की मंजिल पर पढ़ाई जारी है. ऐसे में सवाल यह है कि अगर भवन का एक हिस्सा असुरक्षित घोषित कर बंद किया गया है, तो क्या बाकी हिस्से की भी तकनीकी जांच हुई है?

कैमरा पहुंचा तो सामने आया दूसरा सवाल

सरकारी स्कूलों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक के बीच जब स्कूल के हालात कैमरे के सामने लाने की कोशिश की गई तो एक शिक्षक ने शूटिंग की अनुमति लेने की बात कही. शिक्षक का कहना था कि स्कूल की स्थिति सामने है, लेकिन शूट के लिए अनुमति जरूरी है. हालांकि, अनुमति किस अधिकारी से ली जानी है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी. यह सवाल भी उठता है कि जब स्कूल में बच्चों की सुरक्षा का मामला हो, तो जर्जर भवन की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करने और उसकी जांच कराने की प्रक्रिया इतनी अस्पष्ट क्यों है?

बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित भवन कोई सुविधा नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत है. जवाहर नगर के इस स्कूल की तस्वीरें बारिश के मौसम में सामने आने वाली उस चुनौती को दिखाती हैं, जहां भवन की हालत और बच्चों की पढ़ाई दोनों एक साथ चिंता का विषय बन जाते हैं. अब जरूरत सिर्फ मरम्मत के वादे की नहीं, बल्कि स्कूल भवन की तत्काल तकनीकी जांच, जोखिम वाले हिस्सों को सुरक्षित करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है. लेकिन उससे पहले सवाल ये आता है की—क्या किसी हादसे के बाद व्यवस्था जागेगी या उससे पहले ही इन जर्जर स्कूलों की सुध ली जाएगी?

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

और पढ़ेंLocation :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 18, 2026, 15:15 IST

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