RSS का Gen Z प्लान! विशाखापत्तनम की लैब में लगेगी क्लास, तैयार होगा दिल से दिमाग तक उतरने का फार्मूला!

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RSS का Gen Z प्लान! विशाखापत्तनम में तैयार होगा दिल में उतरने का फार्मूला!
Last Updated:August 18, 2026, 20:26 IST
जेन-जी के बीच पकड़ मजबूत करने के लिए आरएसएस अब एक्शन मोड में आ गया है. अब जेन-जी के बीच कैसे पहुंचा जाए और उनके दिल-दिमाग में कैसे उतरा जाए, इस रणनीति पर काम शुरू हो गया है. 19 से 21 अगस्त के बीच विशाखापत्तनम में होने वाली खास बैठक में इस बार यह मुद्दा सबसे अहम रह सकता है.आरएसएस 19 से 21 अगस्त के बीच आखिल भारतीय समन्वय बैठक आयोजित करने जा रही है. (फाइल फोटो)
RSS Vishakhapatnam Meeting 2026: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) अब नई पीढ़ी के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद में जुट गई है. आरएसएस की नजर खासतौर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक्टिव जेन-जी टिकी हुई है. इन जेन-जी का दिल और दिमाग पढ़ने के लिए आरएसएसए विशाखापत्तनम में खास वर्कशॉप आयोजित करने जा रही है. यह वर्कशॉप 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच आयोजित होने वाली आरएसएस की आखिल भारतीय समन्वय बैठक का हिस्सा होगी. इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत तमाम बड़े पदाधिकारी और संघ से जुड़े 32 संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे. बैठक में अलग-अलग संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ आने वाले समय की रणनीति पर भी चर्चा होगी.
जेन-जी को कैसे जोड़ेगा आरएसएस?
शुरू किए जाएंगे युवा केंद्रित कार्यक्रम: सूत्रों के मुताबिक, इस बार बैठक का एक अहम फोकस युवाओं तक पहुंच बढ़ाना हो सकता है. सवाल यह है कि आज की डिजिटल पीढ़ी को संघ परिवार की सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से कैसे जोड़ा जाए. इसके लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाने पर मंथन हो सकता है. युवाओं पर केंद्रित कार्यक्रमों को ज्यादा प्रभावी बनाने और अलग-अलग संगठनों अभियान चलाने की जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा संभव है.
ABVP को मिल सकती है बड़ी भूमिका: जेन-जी के बीच पहुंच बनाने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की भूमिका को और मजबूत करने पर भी विचार हो सकता है. शिक्षा, रोजगार, नशा मुक्ति, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच अभियान चलाने की रणनीति बन सकती है. झारखंड के रांची में हाल के युवा कार्यक्रमों को भी इसी दिशा में एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है.
बीजेपी पर भी होगा गहन मंथन: विशाखापत्तनम की बैठक में आरएसएस परिवार से जुड़े संगठनों को लेकर भी चर्चा होगी. कई राज्यों में लंबे समय से लंबित संगठन मंत्रियों की नियुक्ति और संगठन के विस्तार पर मंथन संभव है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है. राज्यों में जिम्मेदारियों के बंटवारे और संगठन को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा हो सकती है.
सिख समाज से संवाद बढ़ाने पर जोर: आरएसएस की आखिल भारतीय समन्वय बैठक में सिख समाज और सिख संगठनों के साथ संवाद बढ़ाने के मसले पर भी चर्चा हो सकती है. मोहन भागवत के प्रस्तावित कनाडा दौरे को देखते हुए सिख संगठनों के साथ संपर्क और संवाद को मजबूत करने की रणनीति पर विचार हो सकता है.
अयोध्या विवाद और नकारात्मक नैरेटिव भी हो सकता है मुद्दा
About the AuthorAnoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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August 18, 2026, 20:26 IST



