Kota News: बाहर खाने पर मंडराता खतरा, शहर के बड़े अस्पतालों के कैंटीन में स्वच्छता की खुली पोल

Last Updated:August 18, 2026, 18:30 IST
Kota News: कोटा के एमबीएस और जेके लोन अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था सवालों के घेरे में है. कैंटीन में गंदगी के बीच खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर मक्खियां मंडराती नजर आई. ऐसे में पेट भरने के लिए खाया गया खाना कहीं बीमारी की वजह न बन जाए, इसे लेकर विशेषज्ञों ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
कोटा. अगर आप घर से बाहर निकलकर मजबूरी या स्वाद के लिए कुछ खा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. पेट भरने के लिए लिया गया खाना कहीं आपको बीमार न कर दे, इसकी चिंता भी जरूरी है. कोटा शहर के एमबीएस और जेके लोन अस्पताल में संभाग के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. मरीजों के साथ आने वाले परिजन कई बार घंटों या दिनों तक अस्पताल के आसपास ही रहते हैं और ऐसे में खाने-पीने के लिए आसपास की दुकानों और कैंटीन पर निर्भर रहते हैं.
अस्पताल परिसर में मौजूद एक कैंटीन के हालात सामने आए हैं, जहां चारों तरफ गंदगी का अंबार दिखाई देता है. खाने-पीने की चीजें धूल-मिट्टी के बीच रखी नजर आती हैं और उन पर मक्खियां मंडराती रहती हैं. साफ-सफाई की इस स्थिति से खाद्य पदार्थों के दूषित होने और उनमें बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह खाना परेशानी का कारण बन सकता है.
इलाज कराने आए लोगों के सामने दोहरी चुनौती
अस्पताल में आने वाले लोगों की सबसे बड़ी प्राथमिकता मरीज का इलाज और उसकी देखभाल होती है. लंबे समय तक अस्पताल में रुकने के दौरान खाना बनाने की सुविधा नहीं होने से उन्हें आसपास उपलब्ध भोजन पर निर्भर रहना पड़ता है. ऐसे में अगर खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाए तो इलाज के साथ स्वास्थ्य संबंधी नई परेशानी खड़ी हो सकती है. ऐसे हालात में बाहर खाना खाते समय साफ-सफाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए. खाना ढका हुआ है या नहीं, आसपास गंदगी तो नहीं है और भोजन को पर्याप्त गर्म करके परोसा जा रहा है या नहीं, इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है. खुले में रखे भोजन, मक्खियों के संपर्क में आए खाद्य पदार्थ और लंबे समय से रखे खाने से बचना चाहिए.
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित भोजन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर अस्पताल आने वाले मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को खान-पान में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे में भोजन की गुणवत्ता के साथ स्वच्छता पर ध्यान देना ही बीमारी से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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August 18, 2026, 18:30 IST



