National

Satyendar Jain: 30 मई 2022 को जेल, 872 दिन बाद मिली बेल, अब 669 दिन बाद फिर तिहाड़ पहुंच गए सत्येंद्र जैन

Satyendar Jain Arrest News: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन एक बार फिर जेल पहुंच गए हैं. जी हां, सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्रांच ने अरेस्ट किया है. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टेंडर में बड़े घोटाले के आरोप में यह गिरफ्तारी हुई है. उनके साथ पांच अन्य लोग भी अरेस्ट हुए हैं. गिरफ्तार लोगों में जीएनसीटीडी के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, डीजेबी के पूर्व सीईओ आईएएस उदित प्रकाश राय, डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन प्राइवेट कंपनियों के मालिक शामिल हैं.

सत्येंद्र जैन पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जा चुके हैं. अभी वह जमानत पर बाहर थे. करीब 10 महीने से ज्यादा समय तक जेल में रहने के बाद 18 अक्टूबर 2024 को उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत मिली थी. मगर अब 18 अगस्त 2026 को वह एक नए मामले में गिरफ्तार किए गए हैं. अब उन्हें कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा जाएगा. यानी रिहाई के 669 दिन बाद सत्येंद्र जैन फिर जेल पहुंच गए. इस बार मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडर में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का है.

30 मई 2022 को पहली बार गिरफ्तार हुए थे

सत्येंद्र जैन 30 मई 2022 को पहली बार अरेस्ट हुए थे. तब आय से अधिस संपत्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था. 2017 में ईडी ने सत्येंद्र जैन पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था. ईडी का आरोप था कि 2015-16 के दौरान जब सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने यह संपत्ति हासिल की.  ये रकम हवाला और कोलकाता स्थित शेल कंपनियों के जरिए ली गई. इसका इस्तेमाल दिल्ली के आसपास जमीन खरीदने में किया गया. इसके बाद वह करीब 872 दिन जेल में रहे.

18 अक्टूबर 2024 को मिली थी जमानत

जी हां, इसी मामले में सत्येंद्र जैन करीब 18 महीने यानी 872 दिन तक तिहाड़ जेल में रहे. इस दौरान उन्होंने मेडिकल आधार पर अंतरिम राहत भी हासिल की थी. आखिरकार 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी. कोर्ट ने जमानत देते समय मामले की सुनवाई में देरी और जैन के लंबे समय तक जेल में रहने को अहम आधार माना था.

30 मई 2022 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच 872 दिन का अंतर था. यानी कुल 872 दिन वह जेल में रहे, तब जाकर उन्हें जमानत मिली थी. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह पूरे 872 दिन लगातार जेल में नहीं रहे थे, क्योंकि उन्हें मई 2023 में मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत मिली थी.

अब किस मामले में गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन?अब सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर मामले में हुई है. दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने उन्हें मंगलवार यानी 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया. जांच एजेंसी के मुताबिक, मामला दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपग्रेड और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए जारी किए गए टेंडरों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. इस मामले में आरोप है कि टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई और ऐसी परिस्थितियां बनाई गईं, जिससे कुछ खास कंपनियों को फायदा मिल सके. सत्येंद्र जैन उस समय दिल्ली के जल मंत्री थे. उनके खिलाफ मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है.

किस एफआईआर पर एक्शन

यह कार्रवाई एसीबी ने एफआईआर नंबर 10/2024 के तहत की गई है. यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7/7ए/9/13 और आईपीसी की धारा 420/409/418/120-बी के तहत दर्ज है. यह शिकायत जीएनसीटीडी के सतर्कता निदेशालय की ओर से मिली थी। आरोप है कि डीजेबी के एसटीपी प्लांट्स को अपग्रेड करने के टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं. जांच में सामने आया कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को इस तरह बनाया गया कि वह एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में चली जाएं.

अब 4 साल में दूसरी बार जेल

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी की टाइमलाइन देखें तो 30 मई 2022 को वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में पहली बार जेल गए थे. 18 अक्टूबर 2024 को उन्हें उस मामले में जमानत मिली. इसके बाद 669 दिन बाद यानी अब 18 अगस्त 2026 को वह दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले के मामले में दोबारा गिरफ्तार हो गए. यानी करीब चार साल के भीतर सत्येंद्र जैन दूसरी बार किसी मामले में जेल पहुंचे हैं. इस बार मामला उनके मंत्री रहते दिल्ली जल बोर्ड में हुए कथित टेंडर घोटाले से जुड़ा है.

एसीबी ने मंगलवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया

पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन
डीजेबी के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय
डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव
मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव
मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार
कुर्रा मेसर्स सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा

IFAS टेंडर: 2021 में प्रस्ताव से लेकर ₹1,546 करोड़ के अनुमान तक की पूरी टाइमलाइन

7 अक्टूबर 2021: दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की क्षमता बढ़ाने और उनके अपग्रेडेशन के लिए IFAS तकनीक का प्रस्ताव रखा गया.

14 अक्टूबर 2021: तत्कालीन जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approval) दी.

21 और 23 दिसंबर 2021: तत्कालीन जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, तत्कालीन सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और तत्कालीन DJB CEO उदित प्रकाश राय की मौजूदगी में बैठकें हुईं. इन बैठकों में टेंडर के लिए TOR (Terms of Reference) को अंतिम रूप दिया गया. मौजूदा STPs के 100% अपग्रेडेशन के लिए फिक्स्ड मीडिया के साथ IFAS तकनीक को आधार बनाया गया.

28 दिसंबर 2021: एस.सी. वशिष्ठ की ओर से तैयार प्रस्ताव को अजय गुप्ता और उदित प्रकाश राय के जरिए आगे बढ़ाया गया। प्रस्ताव में 21 और 23 दिसंबर की बैठकों में तय किए गए बिंदुओं का हवाला दिया गया। इसके बाद ₹1,546.32 करोड़ का नया अनुमान सामने आया. इसमें फिक्स्ड मीडिया के साथ IFAS तकनीक के जरिए मौजूदा STP क्षमता को 215 MGD से बढ़ाकर 297 MGD करने का प्रावधान था.

डिजिटल साक्ष्यों को लेकर दावा: जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रो के अनुसार, WhatsApp चैट समेत डिजिटल साक्ष्यों में ऐसे संकेत मिलने की बात कही गई है कि टेंडर आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले ही गोपनीय टेंडर शर्तें और ड्राफ्ट दस्तावेज कथित तौर पर आरोपियों के मोबाइल फोन पर साझा किए जा रहे थे.

समय-सीमा का अहम तथ्य: IFAS टेंडर से जुड़े प्रस्ताव, बैठकें और फैसलों की यह पूरी कड़ी 2021 की है. यह तत्कालीन जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन की मई 2022 में गिरफ्तारी से पहले की घटनाएं हैं. दिसंबर 2021 में हुई बैठकों, मंजूरियों और 28 दिसंबर के प्रस्ताव के समय जैन दिल्ली सरकार में जल मंत्री के पद पर थे और हिरासत या जेल में नहीं थे.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj