गायक नहीं पत्रकार बनना चाहते थे शान, ना चाहते हुए भी बने बॉलीवुड के ‘किंग ऑफ मेलोडी’- ‘परिवार में सबसे कमजोर’

Last Updated:August 19, 2026, 23:46 IST
प्लेबैक सिंगर शान अपनी अनूठी आवाज के लिए मशहूर हैं. उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए कई शानदार गाने गाए हैं. वे एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसमें सभी सिंगर हैं. हालांकि, वे शुरुआत में सिंगर नहीं बनना चाहते थे. वे पत्रकारिता-विज्ञापन के क्षेत्र में नाम कमाना चाहते थे, मगर परिवार का संगीतमय माहौल उन्हें गायकी की ओर खींच लाया. शान ने एक इंटरव्यू में अपने सिंगिंग करियर पर खुलकर बात की.
ख़बरें फटाफट
शान के परिवार में सभी सिंगर हैं.
नई दिल्ली: प्लेबैक सिंगर शान ने अपनी सुरीली आवाज और अलग-अलग तरह के गानों से भारतीय संगीत की दुनिया में खास पहचान बनाई है. एक समय ऐसा था, जब उन्हें खुद पर भरोसा नहीं था कि वह भी इसी फील्ड में अपनी जगह बना पाएंगे. उन्हें लगता था कि वह अपने परिवार में संगीत के मामले में सबसे कमजोर कड़ी हैं. इसलिए, वह शुरुआत में गायकी में करियर नहीं बनाना चाहते थे. शान ने फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ में शुरुआती दिनों और संगीत के सफर के बारे में खुलकर बात की.
शान ने बताया कि उनके पिता संगीतकार और अच्छे गायक थे. इसके अलावा उनके दादा, मां और बहन भी अच्छा गाते थे. ऐसे माहौल में बड़े होने के बावजूद, उन्हें लगता था कि उनकी गायकी परिवार के बाकी सदस्यों के मुकाबले कमजोर है. शान ने कहा, ‘मैं अपने परिवार में संगीत के मामले में सबसे कमजोर कड़ी था. मेरे पिता संगीतकार और बहुत अच्छे गायक थे. मेरे दादा, मां और बहन भी अच्छे गायक थे. सच कहूं तो मुझे हमेशा लगता था कि संगीत के मामले में मैं अपने परिवार में सबसे कमजोर था.’
पत्रकारिता-विज्ञापन के क्षेत्र में रखना चाहते थे कदमसिंगर शान ने कहा, ‘बड़े होते समय मेरे अंदर विद्रोही सोच थी. मैं पत्रकारिता और विज्ञापन करना चाहता था, इसलिए मेरा ध्यान उन चीजों की तरफ था. गायकी मेरे लिए स्वाभाविक रूप से आई. मैंने इसके लिए कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी. लोग अक्सर मानते हैं कि गायकी की प्रतिभा परिवार से मिलती है, लेकिन मैं इसे जेनेटिक चीज नहीं मानता. मैं इसे कंडीशनिंग मानता हूं. जिस माहौल में कोई बच्चा बड़ा होता है, उसका असर भी उसकी प्रतिभा पर पड़ता है. घर में लगातार संगीत का माहौल होने की वजह से मेरे अंदर भी गायकी धीरे-धीरे आती गई.’
विज्ञापनों के लिए गाए गानेशान ने आखिर में कहा, ‘मुंबई में रहने और माता-पिता के गायक होने की वजह से मुझे कम उम्र में ही गाने के मौके मिलने लगे थे. हालांकि, उस समय मैंने कई मौकों को ठुकरा दिया था. मैं गायकी को करियर के तौर पर अपनाने के लिए तैयार नहीं था. बाद में लगातार मिलते अवसरों के कारण मैंने आखिरकार इसे स्वीकार कर लिया.’ उन्होंने बताया कि उनकी मां कोरस सिंगर थीं और उनके पिता से संगीत की दुनिया में कई लोग परिचित थे. जब उन लोगों को पता चला कि शान और उनकी बहन भी गा सकते हैं, तो उन्हें बहुत कम उम्र में विज्ञापनों के लिए गाने का मौका मिला.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
New Delhi,Delhi
First Published :
August 19, 2026, 23:46 IST


