बारिश के मौसम में गौवंश और भैंसों पर मंडरा रहा इन 3 खतरनाक बीमारियों का खतरा, मुफ्त वैक्सीन से ऐसे करें बचाव

Last Updated:August 20, 2026, 16:07 IST
Heath care For Animal In Rainy Season : पाली में मानसून में पशुओं को लंपी, लंगड़ा बुखार, गलघोंटू से बचाने के लिए पशुपालन विभाग अलर्ट है. विभाग मुफ्त वैक्सीन और जागरूकता अभियान चला रहा है. विभाग की ओर से तीन प्रमुख जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही पशुपालकों को जागरूक करने के लिए लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और दैनिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है.
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पाली. अगर आपके पास भी गौवंश या भैंस है, तो मानसून के इस मौसम में यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. बारिश और बदलते मौसम के साथ ही इंसानों की तरह बेजुबान पशुओं पर भी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. अगर इस मौसम में जरा सी भी लापरवाही बरती, तो पशु लंपी, लंगड़ा बुखार या फिर भैंसों में होने वाले घातक गलघोंटू रोग की चपेट में आ सकते हैं. पिछले साल पाली जिले में सामने आए लंगड़ा बुखार के मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग इस बार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. विभाग न केवल 3 तरह की मुफ्त वैक्सीन लगा रहा है, बल्कि पशुपालकों को जागरूक भी कर रहा है. ऐसे में मानसून के दौरान अपने पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, आइए जानते हैं.
बारिश के मौसम और बदलते तापमान के कारण इंसानों की तरह ही बेजुबान पशुओं में भी जानलेवा और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है. यदि इस मौसम में पशुपालकों की ओर से थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाती है, तो उनके मवेशी लंपी स्किन डिजीज, लंगड़ा बुखार और भैंसों में होने वाले अति घातक गलघोंटू रोग की चपेट में आ सकते हैं. पिछले साल पाली जिले में लंगड़ा बुखार के मामलों को देखते हुए इस बार राजस्थान सरकार का पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और बड़े स्तर पर बचाव अभियान चला रहा है.
3 तरह की मुफ्त वैक्सीन और जागरूकता अभियान जारी
पशुपालन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर मनमोहन नागौरी ने बताया कि मानसून के इस जोखिम भरे दौर में पशुओं को सुरक्षित रखना विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए विभाग की ओर से तीन प्रमुख जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही पशुपालकों को जागरूक करने के लिए लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और दैनिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है. राजस्थान सरकार की ओर से जोधपुर में स्थापित विशेष ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से पाली सहित जोधपुर संभाग के 30 से 40 पशुपालकों के जत्थों को रोग प्रबंधन और पशुओं के सही रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है.
लंपी, गलघोंटू और लंगड़ा बुखार से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
एडिशनल डायरेक्टर नागौरी के अनुसार, इन बीमारियों की रोकथाम में टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है. विगत समय में महामारी का रूप ले चुकी लंपी स्किन डिजीज पर समय पर हुए वैक्सीनेशन के कारण अब काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है.
गलघोंटू रोग मुख्य रूप से भैंसों में होने वाली एक अत्यंत घातक बीमारी है, जिसमें पशु को सांस लेने में तेज तकलीफ होती है. इससे बचाव के लिए विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है.
लंगड़ा बुखार, जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, पशुओं को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है. यह विशेष रूप से गौवंश को प्रभावित कर सकती है.
लंपी स्किन डिजीज गौवंश में होने वाला एक संक्रामक रोग है. इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पशुओं को बूस्टर खुराक दी जा रही है.
पशुपालकों के लिए विभागीय दिशा-निर्देश और जरूरी सावधानियांपशुओं को मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से बचाने के लिए विभाग ने पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी है.
जलभराव से बचाएंमवेशियों को किसी भी हाल में जलभराव या कीचड़ वाले स्थानों पर न जाने दें और न ही वहां बांधें. दूषित पानी और नमी वाले स्थानों पर वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं.
सफाई और सूखे स्थान का रखें ध्यानबाड़े या शेड में गोबर और मूत्र का सही तरीके से निस्तारण करें. पशुओं के बैठने की जगह को साफ और सूखा रखें.
समय पर करवाएं टीकाकरणअपने नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क कर सभी गौवंश और भैंसों का समय पर और पूरा टीकाकरण करवाएं.
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं उपचारयदि पशु में तेज बुखार, लंगड़ाकर चलना, खाना-पीना छोड़ना या गले में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए पशु चिकित्सक से परामर्श लें.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
August 20, 2026, 16:07 IST



