बेटियों का वॉलेट: नौकरी के साथ हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये करें निवेश, मिलेंगे 2.40 लाख

महिलाओं के लिए कई तरह की बचत और निवेश योजनाएं होती हैं. सरकारी से लेकर प्राइवेट बैंक तक कई ऑप्शन मिलते हैं. इसी तरह नौकरी करने वाली महिलाओं और अन्य लोगों के लिए भी रिटायरमेंट के बाद पैसों की चिंता कम करने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक ऑप्शन है. खासकर प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग इसमें लंबे समय तक छोटी-छोटी रकम जमा करके रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार कर सकते हैं. इसमें आपका पैसा अलग-अलग निवेश विकल्पों में लगाया जाता है, जिससे समय के साथ पैसा बढ़ने की संभावना रहती है.
NPS की खास बात यह है कि इसमें आप अपनी कैपेसिटी के हिसाब से नियमित निवेश शुरू कर सकते हैं. इसमें जमा पैसा रिटायरमेंट के लिए कॉर्पस बनाने में मदद करता है. हालांकि, यह बाजार से जुड़ी योजना है, इसलिए रिटर्न पहले से तय नहीं होता. पहले आपको बताते हैं कि NPS क्या है, इसमें कौन निवेश कर सकता है और हर महीने ₹1,000 जमा करने पर कुछ ही सालों में मोटा पैसा बन सकता है.
NPS क्या है और कौन खोल सकता है इसमें अकाउंट?
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS भारत सरकार की ओर से शुरू की गई रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है. इसमें भारतीय नागरिक लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं. नियमों के अनुसार, 18 से 70 साल की उम्र के बीच NPS में खाता खोला जा सकता है.
NPS में टियर-1 और टियर-2 खाते होते हैं. टियर-1 रिटायरमेंट के लिए मुख्य खाता है, जबकि टियर-2 खाता ज्यादा फ्लेसिबल होता है. NPS में निवेश की गई रकम को इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज जैसे ऑप्शन में लगाया जा सकता है. आप अपनी जरूरत और रिस्क के हिसाब से निवेश ऑप्शन चुन सकते हैं.
हर महीने ₹1,000 जमा करने पर कितना बनेगा फंड?
मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने ₹1,000 NPS में निवेश करता है और यह निवेश लगातार 20 साल तक जारी रखता है. इस दौरान उसका कुल निवेश होगा- ₹1,000 × 12 × 20 यानी 2,40,000 रुपये.
अगर ऐवरेज 9% सालाना रिटर्न मिलता है और मासिक निवेश के आधार पर अनुमान लगाया जाए, तो 20 साल बाद कॉर्पस करीब ₹6.73 लाख हो सकता है. इसमें करीब ₹2.40 लाख आपका निवेश होगा और लगभग ₹4.33 लाख रिटर्न से बन सकते हैं. ध्यान रखें कि NPS बाजार से जुड़ा है, इसलिए 9% रिटर्न केवल एक उदाहरण है क्योंकि ये मार्केट लिंक रहती है, इसलिए रिटर्न में बदलाव हो सकता है.
रिटायरमेंट पर पैसा कैसे मिलता है?
NPS में रिटायरमेंट के समय पूरा पैसा एक साथ निकालना जरूरी नहीं होता. नियमों के अनुसार, एलिजिबिलिटी और लागू शर्तों के आधार पर कॉर्पस का एक हिस्सा एकमुश्त लिया जा सकता है और बाकी रकम से एन्युटी खरीदी जाती है. एन्युटी के जरिए नियमित पेंशन मिलती है.
उदाहरण के लिए, अगर रिटायरमेंट के समय आपके पास बड़ा NPS कॉर्पस है, तो उसका कुछ हिस्सा एकमुश्त लेकर बाकी रकम एन्युटी में लगाई जा सकती है. एन्युटी से मिलने वाली पेंशन की रकम आपके चुने हुए ऑप्शन और उस समय की एन्युटी दर पर निर्भर करेगी.
NPS में टैक्स का भी फायदा
NPS में निवेश करने वालों को लागू आयकर नियमों के तहत टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है. 80CCD(1) के तहत 80C की कुल सीमा के भीतर लाभ और 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 तक के निवेश पर अलग टैक्स deduction का प्रावधान है, हालांकि टैक्स व्यवस्था और आपकी एलिजिबिलिटी के अनुसार इसका फायदा अलग हो सकता है.
NPS का फायदा तभी ज्यादा मिल सकता है जब इसमें लंबे समय तक नियमित निवेश किया जाए. इसलिए अगर आप अभी नौकरी कर रहे हैं और रिटायरमेंट के लिए अलग फंड बनाना चाहते हैं, तो अपनी उम्र, कमाई, रिस्क और रिटायरमेंट टारगेट के हिसाब से NPS में निवेश कर सकते हैं.



