दाद-खुजली से हैं परेशान? पसीना और नमी बढ़ा रहे फंगल इंफेक्शन का खतरा, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

Last Updated:August 20, 2026, 17:28 IST
Monsoon Skin Care Tips: बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता हो, लेकिन बढ़ी हुई नमी और पसीना त्वचा के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं. इस दौरान दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, खासकर शरीर के उन हिस्सों में जहां नमी लंबे समय तक बनी रहती है. ऐसे में साफ-सफाई और त्वचा को सूखा रखना बेहद जरूरी है.
ग्रेटर नोएडा: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन वातावरण में बढ़ी नमी और उमस त्वचा के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. इस दौरान पसीना लंबे समय तक त्वचा पर बना रहने से दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. शरीर के ऐसे हिस्से जहां पसीना और नमी ज्यादा देर तक रहती है, वहां संक्रमण की संभावना अधिक हो सकती है.
ग्रेटर नोएडा के कॉस्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक्स विशेषज्ञ डॉ. ललित कसाना के अनुसार, मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने के साथ शरीर से पसीना भी अधिक निकलता है. गर्मी और नमी का यह संयोजन फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना सकता है. इसलिए इस मौसम में त्वचा की साफ-सफाई के साथ उसे सूखा रखना भी जरूरी है.
दिनभर बाहर रहने या शारीरिक मेहनत के दौरान पसीना आना सामान्य है. समस्या तब बढ़ सकती है जब पसीने से भीगे कपड़ों में लंबे समय तक रहा जाए या घर पहुंचते ही बिना शरीर साफ किए सीधे कूलर या एसी के सामने बैठ जाएं. ठंडी हवा से शरीर को राहत जरूर मिलती है, लेकिन त्वचा पर मौजूद पसीना और नमी पूरी तरह साफ नहीं होती.
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जांघों के बीच, ग्रोइन एरिया, बगल और त्वचा की परतों वाले हिस्सों में नमी अधिक समय तक रह सकती है. ऐसे स्थानों को नियमित रूप से साफ करने और अच्छी तरह सुखाने की जरूरत होती है. पसीने से भीगे कपड़े जल्द बदलना भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है. डॉ. कसाना के मुताबिक, बारिश के मौसम में व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. पसीना अधिक आने पर नहाने और साफ कपड़े पहनने की आदत रखें. अंडरगारमेंट्स को रोज बदलें और उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें.
अगर त्वचा पर पहले से दाद या फंगल इंफेक्शन है, तो प्रभावित हिस्से को साफ और सूखा रखना जरूरी है. संक्रमित व्यक्ति को तौलिया, कपड़े और व्यक्तिगत इस्तेमाल की चीजें दूसरों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए. खुजली होने पर प्रभावित स्थान को बार-बार नाखून से रगड़ने से भी बचें, क्योंकि इससे त्वचा पर चोट लग सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है.
दाद या खुजली होने पर बाजार में मिलने वाली कोई भी क्रीम खुद से इस्तेमाल करना सही नहीं है. कई क्रीम में ऐसे घटक हो सकते हैं जो गलत स्थिति में लगाने पर संक्रमण को बिगाड़ सकते हैं या उसके लक्षणों को कुछ समय के लिए दबा सकते हैं. समस्या लगातार बनी रहे, फैल रही हो या बार-बार वापस आ रही हो तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है. इसी तरह हल्दी, अदरक या अन्य घरेलू चीजों को सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाने से भी बचना चाहिए. संवेदनशील त्वचा पर इससे जलन या एलर्जी हो सकती है.
मानसून में भी पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. हालांकि रोजाना पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. इसलिए प्यास और शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें. अंडरगारमेंट्स को रोज बदलें और उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें.
बरसात में त्वचा को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका है पसीने और नमी को लंबे समय तक त्वचा पर जमा न होने दें, साफ-सफाई रखें और समस्या होने पर खुद से दवा लगाने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें. इससे फंगल इंफेक्शन और दूसरी त्वचा संबंधी परेशानियों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है.
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August 20, 2026, 17:28 IST



