Udaipur Temple : उदयपुर का अनोखा शिव मंदिर, 100 फीट गहरी प्राकृतिक संरचना के बीच विराजे महादेव, यहां चढ़ाए जाते हैं तिल

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उदयपुर का अनोखा शिव मंदिर, 100 फीट गहरी प्राकृतिक बनावट के बीच विराजे महादेव
Last Updated:August 20, 2026, 17:29 IST
Udaipur Tileshwar Mahadev Mandir : उदयपुर का तिलेश्वर महादेव मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शिव को तिल चढ़ाने की अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. सावन में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है. यहां भगवान शिव को तिल चढ़ाने की परंपरा बताई जाती है. श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर महादेव को तिल अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.
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उदयपुर. उदयपुर और आसपास का क्षेत्र अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है. यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जहां आस्था के साथ प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. ऐसा ही एक खास धार्मिक स्थल है तिलेश्वर महादेव मंदिर, जो अपनी प्राकृतिक लोकेशन और भगवान शिव को तिल चढ़ाने की अनोखी परंपरा के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान रखता है.
तिलेश्वर महादेव मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है. यहां करीब 100 फीट गहरी प्राकृतिक संरचना देखने को मिलती है. मंदिर के आसपास बारिश के मौसम में झरने बहने लगते हैं और नदी-नालों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है.चारों ओर हरियाली, चट्टानों और पानी की धाराओं के बीच महादेव के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए अलग ही अनुभव बन जाते हैं.
तिल चढ़ाने की अनोखी परंपरातिलेश्वर महादेव मंदिर की सबसे खास बात यहां भगवान शिव को तिल चढ़ाने की परंपरा बताई जाती है. श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर महादेव को तिल अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. इसी अनोखी परंपरा के कारण इस स्थान को तिलेश्वर महादेव के नाम से विशेष पहचान मिली है.
सावन में बढ़ जाता है आकर्षणसावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. ऐसे में इस मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है. बारिश के दौरान जब आसपास की पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और झरने बहने लगते हैं, तब मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता है.श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के साथ प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद भी लेते हैं.
आस्था के साथ प्रकृति का संगमतिलेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. गहरी प्राकृतिक संरचना, चट्टानों के बीच बहता पानी और मानसून में दिखाई देने वाली हरियाली इस स्थान को खास बनाती है. यही वजह है कि सावन और बारिश के मौसम में यहां आने वाले लोगों के लिए महादेव के दर्शन के साथ प्राकृतिक वातावरण का अनुभव भी यात्रा का अहम हिस्सा बन जाता है. मानसून के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बारिश और पानी के बहाव को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत होती है.खासकर गहरी प्राकृतिक संरचनाओं और बहते पानी के आसपास सतर्क रहना जरूरी है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 20, 2026, 17:29 IST



