जयपुर में नकली दवाओं का खेल बेनकाब, 5 मेडिकल स्टोर सील, लाइसेंस भी रद्द

जयपुर. राजस्थान में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में जयपुर दक्षिण में नकली, प्रतिबंधित और बिना बिल दवाओं की बिक्री के खिलाफ ड्रग कंट्रोलर और जयपुर दक्षिण पुलिस ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है. मुहाना और सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान पांच मेडिकल स्टोर और दवा फर्मों की जांच की गई. जांच के दौरान कथित तौर पर बिना बिल बेची जा रही दवाओं के साथ नकली और प्रतिबंधित दवाएं भी मिलीं, जिन्हें औषधि नियंत्रण विभाग ने जब्त कर लिया.
जब्त दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है. कार्रवाई के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने संबंधित दुकानों और गोदामों को सील कर दिया है. साथ ही संबंधित मेडिकल स्टोर के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं. अधिकारियों की इस कार्रवाई से अवैध रूप से दवाओं का कारोबार करने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है. विभाग की ओर से जब्त दवाओं की गुणवत्ता, वैधता और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार बिना बिल और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पांच मेडिकल स्टोर और फर्मों की हुई जांच
संयुक्त अभियान के तहत मुहाना और सांगानेर सदर क्षेत्र में पांच स्थानों पर मेडिकल स्टोर और दवा फर्मों की जांच की गई. अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक, बिल, लाइसेंस और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की. इस दौरान ऐसी दवाएं भी मिलीं, जिनकी बिक्री को लेकर नियमों का उल्लंघन सामने आया. कार्रवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों और दवाओं के स्टॉक का मिलान किया गया.
इन मेडिकल स्टोर पर पहुंची टीम
अभियान के तहत टोंक रोड स्थित अभी मेडिकल एंड जनरल स्टोर की जांच की गई. इसके अलावा सांगानेर वाटिका रोड स्थित शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर भी टीम पहुंची. हाज्यावाला स्थित बालाजी मेडिकल की भी औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने जांच की. सांगानेर गोविंदपुरा स्थित श्री श्याम मेडिकोज और सुमन विहार वाटिका रोड स्थित देवेश मेडिकल एजेंसी पर भी कार्रवाई की गई. टीमों ने यहां उपलब्ध दवाओं और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की.
करीब 5 लाख की दवाएं जब्त
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने नकली, प्रतिबंधित और बिना बिल बेची जा रही दवाओं को जब्त किया. इन दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है. विभाग अब जब्त दवाओं से जुड़े दस्तावेजों और उनकी वैधता की जांच कर रहा है. जरूरत के अनुसार दवाओं के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जा सकते हैं.
दुकान और गोदाम सील, लाइसेंस भी निलंबित
औषधि नियंत्रण विभाग ने कार्रवाई के बाद संबंधित दुकान और गोदाम को सील कर दिया. इसके साथ ही संबंधित मेडिकल स्टोर के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं. विभाग की ओर से नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले को दर्ज किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दवा कारोबार में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. खास तौर पर नकली, प्रतिबंधित और बिना बिल दवाओं की बिक्री को लेकर विभाग निगरानी बढ़ा रहा है.



