‘मैं अब संन्यास लेना चाहता हूं…’, 551 विकेट चटकाने वाले भारतीय स्पिनर ने कर दिया रिटायरमेंट का ऐलान

नई दिल्ली. टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट खेल चुके और अनुभवी लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 38 साल के कर्ण शर्मा ने बीती रात यूपी टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मेवरिक्स के मुकाबले के बाद अपने फैसले की जानकारी दी. उनका प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आखिरी मुकाबला 25 अगस्त को लखनऊ लेग में होगा. भारत के लिए भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय करियर सिर्फ चार मैचों का रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उन्होंने लंबा और यादगार सफर तय किया. कर्ण ने भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल खेला, जिसमें कुल 5 विकेट लिए. हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनके आंकड़े शानदार रहे. उन्होंने फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और टी20 में कुल मिलाकर 551 विकेट चटकाए. उन्होंने संन्यास के बाद कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों में हाथ आजमाने की इच्छा जाहिर की.
पहली रणजी पारी में ही जड़ा शतककर्ण ने 2007-08 घरेलू सीजन में फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट में कदम रखा था. शुरुआती दौर में वह ऑलराउंडर के तौर पर खेलते थे. अपने पहले ही रणजी ट्रॉफी मुकाबले में उन्होंने शतक जड़ दिया था. हालांकि, उनके करियर को असली रफ्तार 2012-13 के रणजी सीजन में मिली. उस सीजन में उन्होंने तीन मैचों में 19.04 की औसत से 21 विकेट हासिल किए. उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें बीसीसीआई का बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर अवॉर्ड भी मिला.
3.75 करोड़ की बोली ने बदली तस्वीरघरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद आईपीएल ने उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल दिए. 2014 में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 3.75 करोड़ रुपये में खरीदा था. उस समय वह आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने थे. इसके बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय सीमित ओवर टीम में चुना गया. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला और इकलौता टी20 इंटरनेशनल खेला, जिसमें जो रूट का विकेट भी हासिल किया.
रोहित के 264 वाले मुकाबले में ODI डेब्यूकर्ण ने वनडे डेब्यू उस ऐतिहासिक मुकाबले में किया था, जिसमें रोहित शर्मा ने 264 रन की रिकॉर्ड पारी खेली थी. यह पुरुष वनडे क्रिकेट में किसी बल्लेबाज का अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. कर्ण ने श्रीलंका के खिलाफ उस सीरीज में दो वनडे मुकाबले खेले, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. उसी साल उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टेस्ट टीम में भी जगह मिली. एडिलेड टेस्ट में उन्होंने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया और मैच की दोनों पारियों में दो-दो विकेट चटकाए. दुर्भाग्य से यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला साबित हुआ.
चोट बनी रोड़ा और फिर नहीं मिला मौका2015 में कर्ण को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय सीमित ओवर टीम में चुना गया था, लेकिन चोट के कारण वह दौरे से बाहर हो गए. इसके बाद उन्हें दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला. इस तरह उनका अंतरराष्ट्रीय करियर एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 यानी सिर्फ चार मुकाबलों पर रुक गया.
अलग-अलग टीमों के साथ जीते लगातार तीन आईपीएल खिताबकर्ण के आईपीएल करियर की सबसे खास उपलब्धियों में से एक लगातार तीन साल तीन अलग-अलग टीमों के साथ खिताब जीतना रही. उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL ट्रॉफी जीती. 2018 में तीसरा खिताब जीतने के साथ वह तीन अलग-अलग टीमों के साथ लगातार तीन आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले खास खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए. उनका आखिरी आईपीएल मुकाबला 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए आया था.
100 फर्स्ट क्लास मैच से तीन कदम दूरकर्ण ने 97 फर्स्ट क्लास मैचों में 270 विकेट लिए. इस दौरान उन्होंने 14 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया. बल्लेबाजी में भी उन्होंने 2866 रन बनाए, जिसमें दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं. वह 100 फर्स्ट क्लास मैच पूरे करने से सिर्फ तीन मुकाबले दूर हैं, लेकिन अब उनका करियर 97 मैचों पर ही समाप्त होगा. कर्ण ने 123 लिस्ट ए मैचों में 153 विकेट और 191 टी20 मुकाबलों में 168 विकेट हासिल किए. आईपीएल में उनके नाम 90 मैचों में 87 विकेट हैं. लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने एक शतक और छह अर्धशतक लगाए, जबकि टी20 क्रिकेट में उनके नाम दो अर्धशतक हैं. संन्यास का ऐलान करते हुए कर्ण ने अपने परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र और विदर्भ क्रिकेट संघ समेत अपने सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया.



