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राजस्थान से रूठा मानसून, बारिश की कमी से जूझ रहे हैं 20 जिले

Last Updated:August 24, 2026, 14:44 IST

Rajasthan Rain News : बीते साल रिकॉर्डतोड़ बारिश के मजे ले चुका राजस्थान इस बार औसत बारिश को भी तरस गया है. अगस्त माह बीतने को है और राजस्थान में अभी तक औसत बारिश भी नहीं हुई है. सूबे के 20 जिले तो बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं. प्रदेश में अभी तक औसत 341.3 एमएम बारिश के मुकाबले केवल 266.3 एमएम पानी बरसा है. जानें राजस्थान के ताजा हालात. राजस्थान से रूठा मानसून, बारिश की कमी से जूझ रहे 20 जिलेZoomराजस्थान में इस बार पश्चिमी राजस्थान की बजाय पूर्वी राजस्थान में कम बारिश हुई है.

जयपुर. राजस्थान में इस बार मानसून रूठ हुआ सा नजर आ रहा है. बारिश का दौर थमने के साथ प्रदेश में पानी की कमी का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. 23 अगस्त की शाम तक राजस्थान में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश दर्ज हो चुकी है. यानी इस वक्त तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी उससे करीब 75 एमएम पानी कम बरसा है. 1 जून से 23 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य रूप से 341.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन आसमान से अब तक सिर्फ 266.3 एमएम पानी बरसा है. अब अगस्त का आखिरी हफ्ता और सितंबर के शुरुआती दिन ही उम्मीद की आखिरी किरण नजर आ रहे हैं.

राजस्थान में इस बार अब तक की बारिश को देखते हुए मौसम विभाग का पूर्वानुमान भी उलटा पड़ता लग रहा है. मानसून की शुरुआत में मौसम विभाग ने राजस्थान में सामान्य से करीब 8 से 10 फीसदी कम बारिश का अंदाजा जताया था. इसके साथ ही यह भी माना गया था कि पश्चिमी राजस्थान में बारिश की कमी ज्यादा रह सकती है. लेकिन मौसम ने इस बार अलग ही तस्वीर दिखा दी है. पश्चिम की बजाय पूर्वी राजस्थान ज्यादा बारिश के घाटे में चला गया. पूर्वी राजस्थान में सामान्य बारिश 488.2 एमएम के मुकाबले अब तक 375.02 एमएम बारिश हुई है. यहां कमी 23 फीसदी तक पहुंच गई है. दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान में सामान्य 224.4 एमएम के मुकाबले 179.5 एमएम बारिश हुई है. पश्चिमी राजस्थान में बारिश का घाटा 20 फीसदी है.

पूर्वी की बजाय पश्चिमी इलाके में ज्यादा हुई बारिश
मौसम विभाग ने जिस इलाके को ज्यादा सूखा रहने का अंदेशा जताया था, फिलहाल वही इलाका पूर्वी राजस्थान के मुकाबले कुछ बेहतर स्थिति में है. जिलों की तस्वीर और ज्यादा परेशान करने वाली है. फिलहाल सिर्फ झुंझुनूं और भरतपुर ऐसे जिले हैं जिन्हें सामान्य या सामान्य से बेहतर बारिश वाली श्रेणी में रखा गया है. 11 जिले ग्रीन कैटेगरी में हैं. जबकि करीब 20 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं. सबसे ज्यादा मार जालोर जिले पर पड़ी है. यहां बारिश का घाटा 56 फीसदी तक पहुंच चुका है.

इस बार जयपुर भी तरस रहा है बारिश को
इसके बाद पाली में 47 फीसदी, बांसवाड़ा में 44 फीसदी, सवाई माधोपुर में 41 फीसदी, जैसलमेर में 40 फीसदी, सिरोही में 39 फीसदी, डूंगरपुर में 36 फीसदी और कोटा में 34 फीसदी बारिश की कमी है. राजधानी जयपुर भी इस फेहरिस्त में पीछे नहीं है. इस बार मानसून ने जयपुर को भी कोई ज्यादा निहाल नहीं किया है. इसके कारण यहां बारिश का घाटा 28 फीसदी तक पहुंच गया है. 23 अगस्त तक जयपुर में करीब 416 एमएम बारिश होनी चाहिए थी. लेकिन अब तक सिर्फ 298.2 एमएम बारिश दर्ज हुई है. अगस्त का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर राजस्थान के लिए बारिश के लिहाज से खासा अहम रहता है. लेकिन इस बार मानसून की चाल इतनी सुस्त रही कि यह दौर भी उम्मीद के मुताबिक नहीं गुजर पाया.

अब निगाहें सितंबर पर टिकी हैमानसून का सफर अब आखिरी पड़ाव की तरफ बढ़ रहा है. अगस्त का बचा हुआ वक्त और सितंबर के शुरुआती एक-दो हफ्ते राजस्थान के लिए बेहद अहम होंगे. अगर इस दौरान अच्छी बारिश हो जाती है तो कुछ हद तक नुकसान की भरपाई हो सकती है. लेकिन अगर बादल इसी तरह बेरुखी दिखाते रहे तो बारिश का घाटा और बढ़ सकता है. सबसे गौर करने वाली बात यह है कि मानसून की शुरुआत में राजस्थान में 8 से 10 फीसदी कमी का अनुमान था. लेकिन अब आंकड़ा 22 फीसदी की कमी तक पहुंच चुका है. अब सबकी नजरें आसमान पर हैं. अगस्त का आखिरी सप्ताह और सितंबर के शुरुआती दिन बताएंगे कि मानसून राजस्थान की इस कमी को कितना पूरा कर पाता है.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 24, 2026, 14:43 IST

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