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राजस्थान की सोलर ताकत पर दुनिया की नजर, नवंबर में 75 देशों की होगी बड़ी बैठक

Last Updated:August 24, 2026, 21:04 IST

Renewable Energy Summit Jaipur: भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का पहला रोड-शो जयपुर में हुआ. राजस्थान सोलर व विंड एनर्जी में अग्रणी है. भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करना है. प्रदेश में बड़े स्तर पर सौर और पवन ऊर्जा की परियोजनाएं चल रही हैं और आने वाले समय में इस सेक्टर में निवेश की संभावनाएं भी काफी ज्यादा हैं.

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राजस्थान की सोलर ताकत पर दुनिया की नजर, नवंबर में 75 देशों की होगी बड़ी बैठकZoomजयपुर में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का

जयपुर. देश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है. इसी कड़ी में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का पहला रोड-शो राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित किया गया. जयपुर के आईटीसी शेरेटन होटल में हुए इस रोड-शो में सरकार, उद्योग जगत और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख भागीदार शामिल हुए. दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक होने वाले मुख्य समिट से पहले अलग-अलग राज्यों में रीजनल रोड-शो किए जा रहे हैं, ताकि क्लीन एनर्जी सेक्टर से जुड़े निवेशकों और भागीदारों को एक मंच पर लाया जा सके.

जयपुर में पहला रोड-शो होने की वजह भी काफी अहम है. राजस्थान सोलर और विंड एनर्जी के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है. प्रदेश में बड़े स्तर पर सौर और पवन ऊर्जा की परियोजनाएं चल रही हैं और आने वाले समय में इस सेक्टर में निवेश की संभावनाएं भी काफी ज्यादा हैं. कार्यक्रम में नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय यानी MNRE के संयुक्त सचिव राजेश कुलहरि मौजूद रहे. उन्होंने देश में अक्षय ऊर्जा की मौजूदा स्थिति और आने वाले लक्ष्य को लेकर जानकारी दी. भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट की नॉन फॉसिल फ्यूल क्षमता विकसित करना है और इस लक्ष्य को हासिल करने में राजस्थान की भूमिका अहम मानी जा रही है.

समिट में 75 देशों के प्रतिभागी होंगे शामिलभारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का मुख्य आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर के बीच होगा. इसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के तौर पर तैयार किया जा रहा है. समिट में 20 से ज्यादा राज्य सरकारों के शामिल होने की तैयारी है. इसके अलावा 75 देशों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी दी गई है. आयोजन में 250 से ज्यादा उच्चस्तरीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

इस समिट में करीब 500 से ज्यादा वक्ताओं के शामिल होने की तैयारी हैसमिट के दौरान 80 से ज्यादा खास तौर पर तैयार किए गए सत्र होंगे. इनमें करीब 500 वक्ताओं के शामिल होने की तैयारी है. इन सत्रों में अक्षय ऊर्जा, निवेश, नई तकनीक और ऊर्जा के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. ग्रीन हाइड्रोजन नेटवर्किंग और अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा सहयोग को समिट की प्रमुख थीम में रखा गया है. इसका मकसद भारत और दूसरे देशों के बीच क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है.

300 GW के पार पहुंचा भारत का अक्षय ऊर्जा उत्पादनभारत का अक्षय ऊर्जा उत्पादन 300 गीगावाट के पार पहुंच चुका है. अब सरकार की नजर 2030 के 500 गीगावाट के लक्ष्य पर है. इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बड़े निवेश, नई परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक की जरूरत होगी. इसी वजह से भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट को इस पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है. जयपुर रोड-शो में सरकार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों के बीच अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और आगे की संभावनाओं पर चर्चा हुई. राजस्थान की सोलर और विंड एनर्जी में मजबूत स्थिति को देखते हुए प्रदेश में पहला रोड-शो आयोजित किया जाना भी खास माना जा रहा है. राज्य में बड़े स्तर पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं चल रही हैं और इसी कारण राजस्थान देश के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक अहम केंद्र बन चुका है.

400 से ज्यादा एग्जीबिटर्स की होगी प्रदर्शनी
मुख्य समिट में 400 से ज्यादा एग्जीबिटर्स के शामिल होने की तैयारी है. इसके साथ ही 25 से ज्यादा नॉलेज पार्टनर्स भी आयोजन का हिस्सा होंगे. प्रदर्शनी में अक्षय ऊर्जा से जुड़ी नई तकनीक, उत्पाद और समाधान देखने को मिलेंगे. इससे कंपनियों, निवेशकों और विशेषज्ञों को एक-दूसरे से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा. जयपुर में हुआ रोड-शो इसी बड़े आयोजन की तैयारी का पहला अहम पड़ाव है. सरकार की कोशिश है कि अलग-अलग राज्यों में मौजूद क्लीन एनर्जी से जुड़े उद्योग, निवेशक और विशेषज्ञों को पहले से एक मंच पर लाया जाए. नवंबर में दिल्ली में होने वाला मुख्य समिट इसी तैयारी को आगे बढ़ाएगा. वहां 20 से ज्यादा राज्य सरकारों, 75 देशों के प्रतिभागियों, 250 से ज्यादा उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों और करीब 500 वक्ताओं की मौजूदगी में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की अगली दिशा पर चर्चा होगी.About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 24, 2026, 21:04 IST

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