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Udaipur News: उदयपुर में महाकाल की शाही सवारी, 50 से ज्यादा झांकियों संग दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Last Updated:August 24, 2026, 15:23 IST

उदयपुर में सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकाली गई. 50 से ज्यादा झांकियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ निकली सवारी से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा. चेतक सर्कल, हाथीपोल और जगदीश चौक समेत प्रमुख मार्गों पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे.

उदयपुर. शहर में सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकाली गई. हर साल की तरह इस बार भी महादेव नगर भ्रमण पर निकले. सवारी को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला. महाकाल के दर्शन और सवारी में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर की सड़कों पर पहुंचे.

उदयपुर में सावन के चारों सोमवार को भगवान महादेव से जुड़े अलग-अलग आयोजन किए जाते हैं. पहले सोमवार को मंदिर में भगवान की परिक्रमा कराई जाती है. दूसरे सोमवार को महादेव को वन भ्रमण कराया जाता है. वहीं तीसरे सोमवार को भगवान को फतेहसागर झील में जल विहार कराया जाता है. सावन के अंतिम सोमवार को महादेव की भव्य सवारी निकाली जाती है, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरती है.

50 से ज्यादा झांकियां सवारी का हिस्सा बनी

अंतिम सोमवार को निकली यह सवारी महाकाल मंदिर से शुरू हुई, यहां पूजा-अर्चना के बाद भगवान महाकाल को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया. सवारी चेतक सर्कल, हाथीपोल और जगदीश चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी. इस दौरान रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का स्वागत किया और दर्शन किए, इसके बाद सवारी वापस महाकाल मंदिर पहुंची. महाकाल की इस भव्य यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. भक्तों में भगवान के दर्शन को लेकर खासा उत्साह नजर आया.

यात्रा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया, हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे सुनाई दिए. हर साल होने वाली इस खास सवारी में बड़ी संख्या में झांकियां भी शामिल होती हैं. इस बार भी करीब 50 से ज्यादा झांकियां सवारी का हिस्सा बनी. अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाली झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. सवारी को देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे. उदयपुर में महाकाल की यह सवारी अब सावन के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुकी है. जिस तरह उज्जैन में महाकाल सावन के दौरान नगर भ्रमण पर निकलते हैं, उसी तर्ज पर उदयपुर में भी यह परंपरा श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है. सावन के चारों सोमवार के अलग-अलग आयोजनों के बाद अंतिम सोमवार की यह भव्य सवारी भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहती है.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Udaipur,Rajasthan

First Published :

August 24, 2026, 15:23 IST

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