Health

लड्डू-बर्फी देखते ही टूट पड़ते हैं? राखी की मिठाई कहीं सेहत न बिगाड़ दे, खरीदने और खाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

Raksha Bandhan Health Tips: रक्षाबंधन आते ही घर में मिठास घुलने लगती है. राखी बांधने के बाद भाई-बहन एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं और फिर शुरू होता है लड्डू, बर्फी, रसगुल्ले और गुलाब जामुन का दौर. त्योहार पर मिठाई खाना हमारी परंपरा का हिस्सा है, लेकिन स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है. खासकर बाजार से खरीदी गई मिठाइयों को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. दूध, खोया, छेना और क्रीम से बनी मिठाइयां सही तरीके से स्टोर न होने पर जल्दी खराब हो सकती हैं.

ऐसे में रक्षाबंधन पर मिठाई खाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप त्योहार का स्वाद भी ले सकते हैं और सेहत को भी सुरक्षित रख सकते हैं.

मिलावटी या खराब मिठाई से हो सकती है परेशानी

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में खराब गुणवत्ता वाले या सही तरीके से स्टोर न किए गए खाद्य पदार्थों का जोखिम भी बढ़ सकता है. दूषित मिठाई खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए मिठाई हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से खरीदना बेहतर है.

मिठाई खरीदते समय इन चीजों पर दें ध्यान

मिठाई का रंग, गंध और बनावट उसकी ताजगी के बारे में काफी कुछ बता सकती है. अगर मिठाई से अजीब गंध आ रही हो, रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला नजर आए या उसकी सतह असामान्य रूप से चिपचिपी लगे, तो उसे खरीदने से बचें. पैक्ड मिठाई लेते समय सील, निर्माण तिथि और बेस्ट-बिफोर डेट जरूर जांचें.

दूध और खोये वाली मिठाई में रखें ज्यादा सावधानी

खोया, दूध, छेना और क्रीम से तैयार मिठाइयां जल्दी खराब होने वाली हो सकती हैं. इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना ठीक नहीं है. खरीदने के बाद पैकेट पर दिए गए स्टोरेज निर्देशों का पालन करें और जरूरत हो तो इन्हें रेफ्रिजरेटर में रखें. खासकर गर्म और उमस वाले मौसम में इस बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ज्यादा मिठाई खाने से बढ़ सकता है ब्लड शुगर

मिठाइयों में चीनी और कैलोरी की मात्रा आमतौर पर अधिक होती है. एक साथ कई मिठाइयां खाने से शुगर का सेवन काफी बढ़ सकता है. डायबिटीज वाले लोगों को विशेष रूप से मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. वहीं, स्वस्थ लोगों के लिए भी त्योहार के नाम पर जरूरत से ज्यादा मिठाई खाना सही आदत नहीं है. छोटी मात्रा में मिठाई लेकर उसका स्वाद लेना बेहतर विकल्प हो सकता है.

मिठाई के साथ मीठे पेय से बचें

त्योहारों पर मिठाई के साथ कोल्ड ड्रिंक, मीठी चाय या अन्य शुगर वाले पेय भी शामिल हो जाते हैं. इससे पूरे दिन का कुल चीनी सेवन बढ़ सकता है. इसलिए मिठाई के साथ पानी या बिना चीनी वाला पेय लेना बेहतर विकल्प हो सकता है.

बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी रखें ध्यान

बच्चों को त्योहार पर मिठाई पसंद आना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें बार-बार मिठाई देने से बचें. इसी तरह बुजुर्गों और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को भी अपनी डाइट के अनुसार मिठाई की मात्रा तय करनी चाहिए. त्योहार का मतलब यह नहीं कि खाने-पीने में हर सीमा भूल जाएं.

खराब मिठाई खाने के बाद ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क

अगर मिठाई खाने के बाद लगातार उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द, बुखार या असामान्य कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. ऐसे लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है. आखिर रक्षाबंधन की असली मिठास तभी है, जब भाई-बहन त्योहार के बाद भी स्वस्थ और खुश रहें.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj