Sikar News I बदलते मौसम में बागवानी का नया दांव, शेखावाटी में खजूर की होगी जांच

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बीकानेर से फतेहपुर पहुंचा खजूर, वैज्ञानिक परखेंगे शेखावाटी की मिट्टी में मिठास
Last Updated:August 25, 2026, 11:27 IST
Sikar News: शेखावाटी की गर्म और शुष्क जलवायु में बागवानी की संभावनाएं तलाशने के लिए फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र में अब खजूर पर शोध शुरू होगा. बीकानेर से मंगाए गए पौधों से बगीचा तैयार कर उनकी वृद्धि, फलन, उत्पादन और पानी की जरूरत का अध्ययन किया जाएगा. शोध से किसानों को स्थानीय मिट्टी और मौसम के अनुकूल फलदार पौधों के चयन में वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है.
शेखावाटी की गर्म और शुष्क आबोहवा में किसानों के लिए अब पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी की नई संभावनाएं भी तलाशने की तैयारी है. फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र में अब फलों की प्रजातियों पर भी वैज्ञानिक तरीके से शोध किया जाएगा. केन्द्र में केसर प्रजाति के आम के बाद अब खजूर का बगीचा तैयार किया जा रहा है. इससे स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार बेहतर फलदार पौधों की पहचान आसान होगी.
फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र में बीकानेर से खजूर के पौधे मंगवाए गए हैं, जिनसे बगीचा तैयार किया जाएगा. खजूर गर्म और शुष्क जलवायु में अच्छी तरह विकसित होने वाली फसल मानी जाती है. ऐसे में शेखावाटी क्षेत्र की परिस्थितियों में इसकी संभावनाएं अधिक है. इसी को जानने के लिए पौधों की वृद्धि, फलन, उत्पादन और पानी की जरूरत का अध्ययन किया जाएगा. शोध के आधार पर यहां खजूर की उपयुक्तता का आकलन होगा.
उन्होंने बताया कि इस मौसम में लगातार बदलाव के बीच खेती में फसल और किस्म का सही चयन पहले से ज्यादा अहम हो गया है. ऐसे में स्थानीय आबोहवा के अनुकूल फलदार पौधों की पहचान किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है. हरफुल सिंह ने बताया कि अनुसंधान केन्द्र में होने वाले परीक्षणों से ऐसी प्रजातियों को चिन्हित किया जा सकेगा. इसके अलावा जो क्षेत्र की गर्मी, पानी की उपलब्धता और मिट्टी के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन का भी पता चलेगा.
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खजूर के बगीचे का प्रयोग कृषि में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित होगा. स्थानीय परिस्थितियों में फलों की विभिन्न प्रजातियों की वृद्धि, उत्पादन क्षमता और तकनीकी जरूरतों पर विद्यार्थी शोध कर सकेंगे. इससे अनुसंधान केन्द्र में बागवानी से जुड़े अध्ययन का दायरा बढ़ेगा. विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक स्तर पर यह समझने का अवसर मिलेगा कि अलग-अलग फलदार पौधे शेखावाटी की जलवायु में किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं.
फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र में आम और अब खजूर के बगीचे तैयार होने से क्षेत्र में बागवानी आधारित कृषि को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. आने वाले समय में शोध के परिणामों के आधार पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल फलों की प्रजातियों की सिफारिश की जा सकेगी. केन्द्र प्रभारी हरफुल सिंह के अनुसार बीकानेर से खजूर के पौधे मंगवाए गए हैं. रिसर्च से विद्यार्थियों के साथ किसानों को भी बेहतर बागवानी किस्मों और तकनीक की जानकारी मिल सकेगी.
First Published :
August 25, 2026, 11:27 IST



