सलमान खान से वसूली के लिए सिवान के आसिफ ने रची साजिश, फर्जी WhatsApp चैट से बुनी झूठी कहानी

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को किसी संगठित अपराध गिरोह से धमकी मिलने और उनके नाम पर पैसे वसूलने की साजिश का दावा करने वाले एक मामले में पुलिस ने कथित फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद ही पूरी कहानी तैयार की थी. उसने फर्जी पहचान के जरिए व्हॉट्सऐप चैट बनाई और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि किसी आपराधिक गिरोह की ओर से सलमान खान को जान से मारने या शारीरिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है.
मामला मुंबई के बांद्रा इलाके का है. इस मामले में पुलिस ने आसिफ मोहम्मद मुस्लिम राजा, जिसकी उम्र 25 साल है, जिसको आरोपी बनाया है. पुलिस ने बताया, आसिफ फिलहाल बांद्रा में रह रहा था, जबकि वह मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है. मामले को लेकर बांद्रा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है.
कैसे रची साजिश
पुलिस के मुताबिक, आसिफ ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे पैसे और मोबाइल फोन दिए. उसने आरोप लगाया कि इन लोगों की ओर से सलमान खान को धमकी देने और उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है. मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने उसके दावे को लेकर जांच शुरू की.
व्हॉट्सऐप चैट से पुलिस को हुआ शक
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की. इसी दौरान व्हॉट्सऐप चैट में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को उसकी कहानी पर संदेह हुआ. पुलिस का दावा है कि चैट में जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर मैसेज भेजे थे और जिस व्यक्ति ने उनका जवाब दिया था, दोनों के लिखने के तरीके और शब्दों में काफी समानता थी. इससे पुलिस को शक हुआ कि चैट किसी दूसरे व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद आरोपी ने तैयार की हो सकती है.
जब पुलिस को कहानी में लगा अंतर
इसके बाद पुलिस ने आरोपी से उन जगहों के बारे में पूछताछ की, जहां उसके दावे के मुताबिक उसकी मुलाकात कुछ अज्ञात लोगों से हुई थी. पुलिस टीम ने इन जगहों पर जाकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी जांच की, लेकिन आरोपी के उन लोगों से मुलाकात का कोई सबूत नहीं मिला. इसके बाद पुलिस को उसकी कहानी में अंतर नजर आए.
वसूली के लिए रची साजिश
पुलिस ने आरोपी से दोबारा विस्तार से पूछताछ की. इसी पूछताछ में आसिफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सलमान खान को डराने और उनसे पैसे ऐंठने के इरादे से यह पूरी कहानी तैयार की थी. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी पहचान बनाई और अलग-अलग नंबरों के जरिए फर्जी व्हॉट्सऐप चैट तैयार की, ताकि पूरी कहानी असली लगे.
समुद्र किनारे छिपा दिए थे मोबाइल फोन
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने चैट तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए एक मोबाइल फोन और अपने पुराने मोबाइल को बांद्रा के समुद्र किनारे छिपा दिया था. बाद में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए. पंचनामा की कार्रवाई के दौरान इन फोन को जब्त किया गया. इसके अलावा आरोपी के पास मिले मोबाइल फोन में मौजूद कथित फर्जी व्हॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए गए.
पुलिस ने इन धाराओं ने दर्ज किया केस
पुलिस ने जांच में करीब 1.30 लाख रुपए की रकम का भी पता लगाया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह रकम बिहार के सीवान से फोन-पे के जरिए मंगवाई थी. इसके बाद बांद्रा में एक मनी ट्रांसफर एजेंट के जरिए उसने कथित तौर पर यह पैसा नकद हासिल किया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(3), 351(3), 353(2), 271, 340 और 248 के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित फर्जी धमकी और वसूली की यह साजिश आरोपी ने अकेले तैयार की थी या इसमें किसी और व्यक्ति की भी भूमिका थी.



