रक्षाबंधन पर बीकानेर की बहनों का अनोखा स्नेह, डाक से सैनिकों के लिए भेजीं राखियां

बीकानेर. रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बीकानेर की बहनों ने सीमा पर तैनात सैनिकों के प्रति अपने प्रेम और सम्मान का अनोखा संदेश भेजा है. भारतीय डाक विभाग के ‘राखी से रक्षा’ विशेष अभियान के तहत शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक महिलाओं, छात्राओं और भामाशाहों ने डाक विभाग के माध्यम से फौजी भाइयों के लिए राखियां भेजी हैं. इन राखियों को सेना के मुख्यालयों के पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया है, जहां से इन्हें सीमा पर तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा. खास बात यह है कि बीकानेर की बहनों ने केवल अपने भाइयों को ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा में तैनात सैनिकों को भी राखी के इस पवित्र रिश्ते में शामिल किया है.
डाक विभाग की ओर से राखियों को प्राथमिकता से निर्धारित समय पर भेजने की व्यवस्था की गई है. बीकानेर मंडल में अभियान को लेकर महिलाओं और आमजन में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. डाकघरों में राखी भेजने के लिए विशेष कवर और अलग काउंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि बहनें आसानी से अपनी राखियां जवानों तक भेज सकें. यह पहल रक्षाबंधन के मौके पर सैनिकों के प्रति सम्मान और देश के प्रति नागरिकों की भावनाओं को दर्शा रही है.
13 लाख से ज्यादा राजस्व हुआ अर्जित
बीकानेर डाक मंडल अधीक्षक रामावतार सोनी ने बताया कि ‘राखी से रक्षा’ अभियान को आमजन का अच्छा सहयोग मिल रहा है. बीकानेर मंडल को 30 हजार स्पीड पोस्ट करने और 15 लाख रुपए राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य दिया गया था. मंडल अब तक 13 लाख रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित कर चुका है. रक्षाबंधन को देखते हुए राखियों को प्राथमिकता के आधार पर भेजा जा रहा है, ताकि इन्हें निर्धारित समय पर सैनिकों तक पहुंचाया जा सके.
सेना मुख्यालयों के पते पर भेजी जा रही राखियां
डाक विभाग के अनुसार बहनों की ओर से भेजी जा रही राखियां सेना के मुख्यालयों के पते पर भेजी जा रही हैं. वहां पहुंचने के बाद इन राखियों को जवानों के बीच वितरित किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमा पर तैनात सैनिकों तक देश की बहनों का स्नेह और शुभकामनाएं पहुंचें.
डाकघरों में बनाए गए विशेष काउंटर
राखियां भेजने के लिए डाकघरों में विशेष कवर उपलब्ध करवाए गए हैं. लोग इनमें राखी रखकर स्पीड पोस्ट के जरिए भेज रहे हैं. राखियों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई है, जहां प्राथमिकता के साथ बुकिंग की जा रही है. इससे लोगों को राखियां भेजने में सुविधा मिल रही है.
‘जवान खुद को अकेला न समझें, पूरा देश साथ’
जोड़बीड़ भैरूनाथ इस्माइल फाउंडेशन की अलका पारीक ने कहा कि ‘राखी से रक्षा’ अभियान देश के लिए गौरव की बात है. उन्होंने बताया कि चारों बहनें अपने फौजी भाइयों के लिए डाक विभाग के माध्यम से राखियां भेज रही हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवान खुद को अकेला न समझें, पूरा देश उनके साथ खड़ा है. देश की रक्षा के लिए हर पल तत्पर रहने वाले जवानों को राखी भेजना उनके लिए गर्व की बात है. रक्षाबंधन पर बीकानेर की बहनों की यह पहल सैनिकों के प्रति सम्मान और भाई-बहन के रिश्ते की भावना को सीमा तक पहुंचाने का माध्यम बनी है.



