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सिरोही में रक्षाबंधन पर घेवर की जबरदस्त डिमांड, राखी पर सिर्फ 3 दिन मिलता है ये खास स्वाद, खरीदने उमड़े लोग

Last Updated:August 28, 2026, 08:13 IST

Raksha Bandhan Famous Sweets Sirohi: सिरोही में रक्षाबंधन पर घेवर की भारी मांग देखी जा रही है. स्थानीय दुकानदारों के अनुसार साल में सिर्फ 3 दिन ही घेवर बनाया जाता है, जिससे इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है. मावा और रबड़ी से सजा यह क्रंची घेवर बहनों की थाली की शान बढ़ा रहा है. लोग इसे घर के साथ-साथ बहनों को उपहार देने के लिए भी खरीद रहे हैं. सावन और राखी पर घेवर खिलाने की पुरानी परंपरा आज भी सिरोही में कायम है.

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सिरोही में रक्षाबंधन पर घेवर की जबरदस्त डिमांड, राखी पर सिर्फ 3 दिन मिलता हैZoomSirohi News: सालभर इंतजार, राखी पर सिर्फ 3 दिन मिलता है ये खास घेवर, खरीदने उमड़े लोग

Sirohi: रक्षाबंधन का पावन पर्व आते ही सिरोही के बाजारों में मिठाइयों की रौनक चरम पर पहुंच गई है. इस बार त्योहारी सीजन में जिस मिठाई का सबसे ज्यादा बोलबाला है, वह है पारंपरिक ‘घेवर’. राखी के अवसर पर सिरोहीवासियों के लिए यह घेवर केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि त्योहार के आनंद और मिठास का प्रतीक बन चुका है.

स्थानीय मिठाई दुकानदारों के मुताबिक, सिरोही में घेवर बनाने की परंपरा बेहद अनोखी है. पूरे साल में केवल रक्षाबंधन के त्योहार पर ही महज तीन दिनों के लिए घेवर तैयार किए जाते हैं. यही मुख्य कारण है कि इसकी मांग बाजार में कई गुना बढ़ जाती है. सीमित समय के लिए उपलब्ध होने की वजह से लोग इसे खरीदने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते.

मावा और रबड़ी से सजती है बहनों की थालीखाने में बेहद क्रंची और मिठास से भरपूर यह मिठाई हर उम्र के लोगों को समान रूप से भा रही है. विशेष रूप से मावा और रबड़ी की परतों से सजा घेवर रक्षाबंधन पर बहनों की पूजा थाली की शान बढ़ा देता है. सुबह से ही मिठाइयों की दुकानों पर घेवर खरीदने वालों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग इसे अपने घर के लिए तो ले ही जा रहे हैं, साथ ही बहनों को उपहार स्वरूप देने के लिए भी पहली पसंद बना रहे हैं.

सावन और राखी से जुड़ा है पारंपरिक संबंधधार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार, घेवर का संबंध सदियों से सावन महीने और रक्षाबंधन से जोड़ा जाता रहा है. प्राचीन काल से ही सावन और राखी के मौके पर अपनों को घेवर बनाकर खिलाने की समृद्ध परंपरा रही है. सिरोही के निवासियों ने इस पुरानी परंपरा को आज भी पूरी जीवंतता के साथ कायम रखा है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Sirohi,Sirohi,Rajasthan

First Published :

August 28, 2026, 08:13 IST

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