Bharatpur News: भरतपुर के बिहारी जी को विदेशों से आईं राखियां, अमेरिका-कनाडा तक गूंजा आस्था का बंधन

Last Updated:August 28, 2026, 14:28 IST
भरतपुर के प्रसिद्ध बिहारी जी मंदिर में रक्षाबंधन पर अनूठी आस्था देखने को मिलती है. भक्त भगवान बिहारी जी को अपना भाई मानकर राखी बांधते हैं. खास बात यह है कि अमेरिका, कनाडा और अफ्रीका में रहने वाले श्रद्धालु भी डाक के जरिए राखियां भेजते हैं, जिन्हें मंदिर में विधि-विधान से भगवान को अर्पित किया जाता है. 20 साल बाद संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर अफ्रीका में रहने वाले भरतपुर मूल के एक परिवार ने भी बिहारी जी को राखी बांधकर आभार जताया.
भरतपुर. प्रसिद्ध बिहारी जी मंदिर में रक्षाबंधन के पर्व पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा रंग देखने को मिलता है. यहां भगवान बिहारी जी को श्रद्धालु अपना भाई मानकर राखी बांधते हैं. खास बात यह है कि बिहारी जी के प्रति भक्तों की यह आस्था सिर्फ भरतपुर तक सीमित नहीं है. बल्कि देश की सीमाओं को पार कर विदेशों तक पहुंच चुकी है. रक्षाबंधन के मौके पर अमेरिका, कनाडा और अफ्रीका में रहने वाले श्रद्धालु भी बिहारी जी के लिए राखियां भेजते हैं. विदेशों में रहने वाले कई श्रद्धालु डाक के जरिए राखियां मंदिर पहुंचाते हैं. इसके बाद मंदिर में विधि-विधान के साथ इन राखियों को भगवान बिहारी जी को अर्पित किया जाता है.
वहीं कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो रक्षाबंधन के दिन स्वयं भरतपुर पहुंचकर बिहारी जी को राखी बांधते हैं और भगवान से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है.कि बिहारी जी को भाई मानकर राखी बांधने से भगवान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. इसी आस्था से जुड़ा एक भावुक मामला अफ्रीका में रहने वाले भरतपुर मूल के एक परिवार का है. परिवार की करीब 20 साल बाद संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी हुई परिवार ने इसे बिहारी जी का आशीर्वाद माना और खुशी में भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की परिवार की ओर से बिहारी जी को विशेष पोशाक पहनाई गई और रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान को राखी बांधी गई.
बिहारी जी मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं से जुड़ी अर्जियां भी भेजते हैं. इनके साथ नारियल और अन्य पूजन सामग्री भेजकर भक्त भगवान से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. मनोकामना पूरी होने के बाद कई श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान का आभार जताते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में पहुंचने वाली राखियां श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भगवान के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव की कहानी बयां करती हैं. अमेरिका, कनाडा और अफ्रीका जैसे देशों में रहने वाले भक्त हजारों किलोमीटर दूर होने के बावजूद बिहारी जी को अपना भाई मानकर रक्षाबंधन का पर्व मनाते हैं. यही वजह है कि भरतपुर का यह मंदिर रक्षाबंधन पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों से जुड़ी श्रद्धा का भी केंद्र बन जाता है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 14:28 IST



