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लोहे की सलाखें भी नहीं रोक सकीं भाई-बहन का प्यार, रक्षाबंधन पर भीलवाड़ा जेल में दिखा दिल छू लेने वाला नजारा

Last Updated:August 28, 2026, 16:01 IST

Bhilwara News : भीलवाड़ा जेल में रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों को राखी बांधी. दूर-दराज से आईं बहनों ने कैदी भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की. रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रिश्तों का प्रेम परिस्थितियों का मोहताज नहीं होता.

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भीलवाड़ा. रक्षाबंधन का त्योहार आते ही बहनों के कदम अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने के लिए उठ पड़ते हैं. भाई चाहे घर की चौखट पर हो या फिर जेल की ऊंची दीवारों और लोहे की सलाखों के पीछे, बहन के लिए उसके प्रति प्यार और फर्ज में कोई कमी नहीं आती. भीलवाड़ा जेल में रक्षाबंधन के मौके पर कुछ ऐसा ही भावुक नजारा देखने को मिला, जहां अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें दूर-दराज के इलाकों से पहुंचीं.

इन भाइयों पर भले ही कानून की पाबंदियां हों और उनके कदम जेल की चारदीवारी तक सीमित हों, लेकिन बहनों के स्नेह को कोई सलाख नहीं रोक सकी. हाथों में राखी, आंखों में भाई से मिलने की खुशी और मन में उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना लिए बहनें जेल पहुंचीं.

आंखों में आंसू और मन में पीड़ामुलाकात के दौरान जब बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी तो माहौल भावुक हो उठा. किसी बहन की आंखों में खुशी के आंसू थे तो किसी के मन में भाई के अपराध को लेकर पीड़ा. बावजूद इसके भाई-बहन के रिश्ते की डोर मजबूत नजर आई. रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रिश्तों का प्रेम परिस्थितियों का मोहताज नहीं होता. भाई की कलाई पर रक्षा का सूत्र बांधने के साथ बहनों ने उनसे अपराध का रास्ता छोड़कर बेहतर जीवन की ओर बढ़ने की उम्मीद भी जताई.

राखी के लिए जेल में की गई विशेष व्यवस्थाजिला अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद कैदियों को उनकी बहनों से राखी बंधवाई जा रही है. इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहनों की मुलाकात और राखी बांधने की व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि इसका संदेश यही है कि कैदी यहां से निकलने के बाद समाज में फिर से स्थापित हों और दोबारा अपराध की राह पर न जाएं. जेल से बाहर निकलने के बाद वे एक बेहतर जीवन शुरू करें और फिर कभी जेल की तरफ लौटकर न आएं.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan

First Published :

August 28, 2026, 16:01 IST

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