Sikar News: रैवासा धाम में 31 अगस्त से सजेगा भक्ति का दरबार, नौ दिवसीय श्रीसियपिय मिलन महोत्सव की तैयारियां तेज

Last Updated:August 28, 2026, 17:28 IST
सीकर के रैवासा धाम में पूर्व पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि पर 31 अगस्त से 8 सितंबर तक नौ दिवसीय द्वितीय श्रीसियपिय मिलन महोत्सव आयोजित होगा. महोत्सव में देशभर से संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा, नानी बाई का मायरो, भक्तमाल पाठ, भजन सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे. संभावित बारिश और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए धाम में करीब दो हजार लोगों की क्षमता वाला वाटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है.
सीकर के रैवासा धाम में पूर्व अग्रपीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर नौ दिवसीय द्वितीय श्रीसियपिय मिलन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. यह महोत्सव 31 अगस्त से शुरू होगा और 8 सितंबर तक चलेगा. इस आयोजन में देशभर से संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचेगे. यह शेखावाटी के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में एक होगा. इस महोत्सव के दौरान कथा, भजन, भक्तमाल सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
अग्रपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने बताया कि महोत्सव के दौरान 1 से 3 सितंबर तक कथावाचक राधाकृष्णदास महाराज तीन दिवसीय नानी बाई का मायरो कथा का वाचन करेंगे. इसके अलावा प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक भक्तमाल स्वर पाठ का आयोजन किया जाएगा. धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्म और संत परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलेगा. आयोजन को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है.
श्री जानकीनाथ बड़ा मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष आशीष तिवाड़ी और सचिव ऋषभ शर्मा ने बताया कि 31 अगस्त से 7 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर बाद अग्रपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे. कथा के दौरान भगवान की लीलाओं और आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का संदेश दिया जाएगा. महोत्सव का समापन 8 सितंबर को विशेष धार्मिक कार्यक्रम और भंडारे के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होंगे.
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महोत्सव में संभावित भीड़ और बारिश को देखते हुए रैवासा धाम में इस बार विशेष व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धालुओं के लिए विशाल वाटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है, जिसमें करीब दो हजार लोगों के एक साथ बैठने की व्यवस्था रहेगी. बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए डोम की संरचना को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है. डोम में बिजली, पंखे और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल सकें.
डोम में बारिश के पानी की निकासी के लिए भी विशेष नवाचार किया गया है. जमीन पर लकड़ी के बोर्ड बिछाए जा रहे हैं, जिससे बारिश होने की स्थिति में पानी नीचे से निकल सके और डोम के अंदर पानी जमा न हो. डोम को अंतिम रूप देने में करीब 50 कारीगर जुटे हुए हैं. डोम का कार्य संभाल रहे गिरिराज सिंह के अनुसार 30 अगस्त तक डोम का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. इसके साथ ही पीठ के बाहर इंटरलॉकिंग का काम भी तेजी से चल रहा है. महोत्सव को लेकर धाम में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
पूर्व पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य महाराज का पूरा जीवन वेद, संस्कृत और आध्यात्मिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा. उनका जन्म 8 सितंबर 1952 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के विरखेड़ा गांव में हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा चित्रकूट में प्राप्त करने के बाद उन्होंने वाराणसी में करीब 11 वर्षों तक वेदों का गहन अध्ययन किया. वर्ष 1983 में उन्होंने रैवासा धाम में शालिग्रामाचार्य से दीक्षा ग्रहण की और 25 फरवरी 1984 को रैवासा पीठ के पीठाधिपति बने.
पीठाधीश्वर बनने के बाद स्वामी राघवाचार्य महाराज ने रैवासा धाम में वेद विद्यालय की स्थापना की और राजस्थान में वेदाश्रमों के माध्यम से वैदिक एवं संस्कृत शिक्षा को आगे बढ़ाने का कार्य किया. उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया. भाद्रपद कृष्ण द्वादशी के दिन दो वर्ष पूर्व दिल का दौरा पड़ने से उनका देहावसान हुआ. उनकी स्मृति और आध्यात्मिक योगदान के कारण श्रीसियपिय मिलन महोत्सव का आयोजन होता है.
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August 28, 2026, 17:28 IST



