किडनी की पथरी में उपयोगी माना जाता है पत्थरचट्टा, लेकिन इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की लें राय

फरीदाबाद: फरीदाबाद की नर्सरियों में अब लोग ऐसे पौधे खरीदना पसंद कर रहे हैं, जो पर्यावरण को बेहतर रखने के साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर हों. फरीदाबाद में प्रदूषण को देखते हुए लोग अपने घरों में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगा रहे हैं. लेकिन अब लोगों की पसंद सिर्फ सजावटी पौधों तक सीमित नहीं है. लोग ऐसे पौधे खोज रहे हैं, जो घर में हरियाली बढ़ाने के साथ आयुर्वेदिक रूप से भी उपयोगी माने जाते हों. ऐसा ही एक पौधा इन दिनों फरीदाबाद की नर्सरियों में खूब बिक रहा है. इस पौधे का नाम पत्थरचट्टा है. बरसात के मौसम में इसकी मांग और ज्यादा बढ़ गई है. लोग इसे आसानी से नर्सरी से खरीदकर अपने घर में लगा सकते हैं. Local18 ने पत्थरचट्टा पौधे की खासियत और इसके औषधीय गुणों को लेकर आयुर्वेदिक डॉक्टर से बातचीत की.
आयुर्वेद में पाषाण भेद नाम से पहचान होती
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद, सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि पत्थरचट्टा को आयुर्वेद में पाषाण भेद कहा जाता है. हिंदी में इसे पत्थरचट्टा कहा जाता है, जबकि संस्कृत में इसका नाम पाषाण भेद है. इस पौधे की खासियत इसके नाम से ही समझी जा सकती है. यह पौधा पत्थरों के बीच से निकलना शुरू कर देता है. आमतौर पर अगर आप किसी मैदानी क्षेत्र या पार्क में जाएंगे तो जमीन के आसपास यह पौधा दिखाई दे सकता है. यह आयुर्वेद की प्राचीन औषधियों में से एक है और इसे काफी खास औषधि माना जाता है. इसके कई औषधीय उपयोग बताए गए हैं.
किडनी की पथरी में उपयोगी माना जाता पौधा
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि पत्थरचट्टा पौधे की सबसे बड़ी खासियत किडनी में होने वाली पथरी से जुड़ी है. किडनी में बनने वाले रिनल स्टोन के मामले में इस पौधे को आयुर्वेद में उपयोगी बताया गया है. इसकी खासियत यह है कि जिस तरह यह पत्थरों के बीच से रास्ता बनाकर बाहर निकलता है, उसी आधार पर इसे किडनी की पथरी से जोड़कर देखा जाता है. अगर किसी व्यक्ति की किडनी में पथरी है तो पत्थरचट्टा पथरी को तोड़कर बाहर निकालने में मदद करता है. इसी वजह से आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल किडनी से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है.
पेशाब की परेशानी में भी काम आता पौधा
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि पत्थरचट्टा एक ड्यूरेटिक के तौर पर भी जाना जाता है. ड्यूरेटिक का मतलब ऐसी चीज से है, जो पेशाब आने में मदद करती है. जिन लोगों को यूरिनली यानी पेशाब से जुड़ी समस्या होती है या पेशाब आने में परेशानी होती है, उनमें भी पत्थरचट्टा का इस्तेमाल बताया जाता है. यह पौधा किडनी और यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी आयुर्वेदिक दवाओं में भी इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद में पत्थरचट्टा को किडनी और यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी औषधि के रूप में काफी समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है.
आयुर्वेदिक दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि पत्थरचट्टा आमतौर पर किडनी और यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी आयुर्वेदिक दवाओं में शामिल रहता है. अगर किसी व्यक्ति को इसका ताजा पौधा मिल जाता है तो इसका रस भी निकाला जा सकता है. इसके लिए पत्थरचट्टा के पौधे को सिलबट्टे पर पीसकर इसका रस निकालने की बात कही जाती है. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि इसके रस की 2 एमएल मात्रा सुबह और शाम खाना खाने से पहले लेने से यह किडनी के लिए अच्छा काम करता है. हालांकि इसका सेवन किस व्यक्ति को कितनी मात्रा में करना है, यह उसकी स्थिति पर निर्भर करता है.
ताजा पौधे से रस निकालकर सेवन बताया
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति के पास पत्थरचट्टा का फ्रेश पौधा उपलब्ध है तो वह उसका रस निकाल सकता है. इसे सिलबट्टे पर पीसकर रस निकालने की बात बताई गई है. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि सुबह और शाम खाना खाने से पहले 2 एमएल रस लेने की बात कही जाती है. हालांकि किसी भी व्यक्ति को खुद से इसका सेवन शुरू नहीं करना चाहिए. इसका इस्तेमाल करना है तो वह आयुर्वेदिक डॉक्टर से मिलकर अपनी समस्या के अनुसार ले सकता है.
बरसात में नर्सरियों पर इसकी मांग बढ़ी
बरसात के मौसम में पौधों की मांग बढ़ जाती है और इसी दौरान लोग औषधीय पौधों की तरफ भी ध्यान दे रहे हैं. पत्थरचट्टा भी इन दिनों लोगों की पसंद बना हुआ है. लोग इसे नर्सरी से खरीदकर अपने घर में लगा रहे हैं. इस पौधे को घर में लगाना आसान है और इसे लोग अपने आसपास आसानी से देख भी सकते हैं. फरीदाबाद में प्रदूषण को देखते हुए लोग अब ऐसे पौधे खरीदने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जो घर में हरियाली के साथ औषधीय महत्व भी रखते हों.
घरों में हरियाली के साथ औषधीय फायदा तलाश
अब लोग नर्सरी में पौधे खरीदते समय सिर्फ उसकी खूबसूरती नहीं देखते. लोग यह भी जानना चाहते हैं कि उस पौधे के औषधीय गुण क्या हैं और उसका आयुर्वेद में क्या महत्व है. पत्थरचट्टा इसी तरह का पौधा है, जिसे लोग घर में लगाने के लिए खरीद रहे हैं. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में इसके कई उपयोग बताए गए हैं और खास तौर पर किडनी तथा यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है. यही कारण है कि इस पौधे की तरफ लोगों का ध्यान बढ़ रहा है.
सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि पत्थरचट्टा का इस्तेमाल करने से पहले एक बार आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. हर व्यक्ति की बॉडी अलग होती है और जरूरी नहीं कि कोई भी औषधि हर व्यक्ति को एक जैसी तरह से सूट करे. पत्थरचट्टा का सेवन किस व्यक्ति को करना चाहिए और कितनी मात्रा में करना चाहिए, इसकी सही जानकारी आयुर्वेदिक डॉक्टर ही दे सकते हैं. इसलिए अगर कोई व्यक्ति किडनी की पथरी या पेशाब से जुड़ी परेशानी के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहता है तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. Local18 से बातचीत में भी डॉक्टर ने बिना सलाह के इसका सेवन नहीं करने की बात कही है.



