Dholpur News: चोपड़ा बावड़ी की पाल ढही, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, अगले माह से मरम्मत की उम्मीद

Last Updated:August 29, 2026, 11:08 IST
धौलपुर की ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी की एक बड़ी पाल करीब 15 दिन पहले अचानक ढह गई, जिससे परिसर में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. जर्जर दीवारों और उखड़ती टाइल्स के चलते स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने यहां आना कम कर दिया है. पुरातत्व विभाग ने मरम्मत का प्रस्ताव भेज दिया है और अगले माह से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू होने की उम्मीद है.
धौलपुर. शहर की ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी अपनी खूबसूरत वास्तुकला और प्राचीन जल संरक्षण व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है. यह बावड़ी शहर की पुरानी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अब इसकी हालत चिंता बढ़ाने लगी है. लगभग 15 दिन पहले बावड़ी की एक बड़ी पाल अचानक ढहकर गिर गई थी, गनीमत रही कि उस समय वहां कोई पर्यटक या स्थानीय व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी की पाल ढहने के बाद से लोगों में सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है. सुबह-शाम बावड़ी परिसर में सैर करने आने वाले कई लोगों ने अब यहां आना बंद कर दिया है. वहीं पर्यटकों की संख्या में भी कमी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं होती, तब तक बावड़ी में घूमना सुरक्षित नहीं लग रहा है क्योंकि डर लगता है बावड़ी का कोई भी हिस्सा अचानक ढह सकता है.
प्रशासन और पुरातत्व विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग
ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी परिसर में पैदल चलने के लिए लगाई गई टाइल्स भी कई जगहों से उखड़ने लगी हैं. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. उखड़ी हुई टाइल्स के कारण पैर फिसलने या गिरने का खतरा भी बना हुआ है. बारिश के दौरान बावड़ी की पाल और आसपास के हिस्सों पर पानी का असर भी दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बावड़ी की देखरेख और मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. ऐसे में अगर समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक नहीं किया गया तो बावड़ी के दूसरे हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है. लोगों ने प्रशासन और पुरातत्व विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. चोपड़ा बावड़ी का निर्माण वर्ष 1856 में धौलपुर रियासत के महाराज राणा भगवंत सिंह के मामा राजधार कन्हैयालाल ने करवाया था. अपनी भव्य बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह बावड़ी धौलपुर की खास पहचान मानी जाती है.
ऐसे में लोगों का कहना है कि इस धरोहर को सुरक्षित रखना जरूरी है. पुरातत्व विभाग की सर्किल सुप्रीडेंट धर्मजीत कौर ने कहा कि बावड़ी की पाल ढहने की जानकारी विभाग को है. जिस दिन दीवार ढही थी, उसी समय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था. इसके बाद मरम्मत का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि मचकुंड में मंदिरों के रिनोवेशन का काम चल रहा है. चोपड़ा बावड़ी की मरम्मत को भी इसी कार्य में शामिल कर लिया गया है. अगले माह से काम शुरू होने की उम्मीद है, सबसे पहले क्षतिग्रस्त दीवार और हिस्से को ठीक किया जाएगा. इसके बाद बावड़ी में जरूरत के अनुसार अन्य काम भी कराए जाएंगे. साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि बार-बार बावड़ी का हिस्सा क्यों ढह रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
August 29, 2026, 11:08 IST



