Rajasthan

धौलपुर वार्ड-48 में चुनावी माहौल गर्म, मतदाताओं ने कहा- ‘बिकाऊ नहीं, टिकाऊ’ पार्षद चाहिए

धौलपुर. राजस्थान में होने वाने नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. धौलपुर में भी नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं मतदाता भी अपने वार्ड की समस्याओं और आने वाले पार्षद से अपनी उम्मीदों को लेकर खुलकर बात करने लगे हैं. इसी कड़ी में न्यूज18 की टीम ने नगर परिषद धौलपुर के वार्ड नंबर 48 में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और चुनाव को लेकर राय जानी.

वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव दर चुनाव प्रतिनिधि बदलते रहे, लेकिन उनकी कई मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस हैं. लोगों ने टूटी सड़कें, गंदे पानी से भरी नालियों और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को प्रमुख समस्या बताया. इसके अलावा गलियों में झूलते बिजली के तार भी लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं. मतदाताओं का कहना है कि इस बार वे ऐसे प्रत्याशी को चुनना चाहते हैं, जो केवल चुनाव के समय नजर न आए, बल्कि जीतने के बाद भी लगातार जनता के बीच रहे.

टूटी सड़क और जलभराव से परेशान लोग

वार्ड 48 के स्थानीय लोगों के मुताबिक कई इलाकों में सड़कें खराब हालत में हैं. जगह-जगह सड़क टूटने से आवाजाही में परेशानी होती है. बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है. नालियों में पानी भरा रहने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है, वहीं बरसात में कई जगह जलभराव हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो जाता है. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और बच्चों, बुजुर्गों समेत राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

गलियों में झूलते बिजली के तार बड़े खतरा

वार्डवासियों ने बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या भी सामने रखी. लोगों के अनुसार कई गलियों में बिजली के तार काफी नीचे तक झूलते हुए नजर आते हैं. इससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना रहता है. मतदाताओं का कहना है कि वार्ड की समस्याओं में सड़क, नाली और सफाई के साथ बिजली के तारों की समस्या भी प्राथमिकता से दूर होनी चाहिए. लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इन तारों को व्यवस्थित करवाए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके.

पिछली पार्षद पर विकास नहीं कराने के आरोप

वार्डवासियों ने पिछली पार्षद के कार्यकाल को लेकर भी नाराजगी जाहिर की. स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछली बार कांग्रेस की ओर से पूनम पार्षद चुनी गई थीं, लेकिन उनके कार्यकाल में वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके. हालांकि ये स्थानीय मतदाताओं के आरोप हैं. लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधि से वार्ड की समस्याओं को नगर परिषद तक पहुंचाने और उनका समाधान कराने की उम्मीद की थी, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं. इसी वजह से इस बार मतदाता प्रत्याशी चुनते समय उसके काम करने की क्षमता और उपलब्धता को ज्यादा महत्व देने की बात कह रहे हैं.

‘पैसों में बिकने वाला नहीं, टिकाऊ पार्षद चाहिए’

वार्ड 48 के मतदाताओं ने इस बार अपनी पसंद को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है. लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसा पार्षद चाहिए जो पढ़ा-लिखा हो, स्वच्छ छवि वाला हो और विकास के मुद्दों को गंभीरता से उठाए. मतदाताओं ने कहा कि पार्षद ऐसा होना चाहिए जो चुनाव जीतने के बाद गायब न हो जाए. वह वार्ड में लोगों के बीच रहे, समस्याओं को सुने और नगर परिषद के अधिकारियों के सामने लगातार मुद्दे उठाए. इसी दौरान लोगों ने कहा कि उन्हें ‘बिकाऊ नहीं, टिकाऊ’ पार्षद चाहिए, जो किसी लालच के बजाय जनता के हित में काम करे.

1,877 मतदाता करेंगे अपने प्रतिनिधि का फैसला

नगर परिषद धौलपुर के वार्ड नंबर 48 में कुल 1,877 मतदाता हैं. ये मतदाता आगामी 9 सितंबर को मतदान कर अपने वार्ड के प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ने वाली है. इस बार वार्ड 48 में मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों के बीच नहीं माना जा रहा, बल्कि स्थानीय मुद्दे भी चुनाव का अहम आधार बन सकते हैं. सड़क, नाली, जलभराव, सफाई और बिजली के झूलते तार जैसे मुद्दों पर मतदाता अपने सवालों के जवाब चाहते हैं. अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों में से कौन इन समस्याओं के समाधान का भरोसा जीत पाता है और 9 सितंबर को वार्ड 48 के मतदाता किसे अपना पार्षद चुनते हैं.

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