ड्रैगन का खेल खत्म, लैटिन अमेरिका में सफेद सोने के भंडार पर भारत का कब्जा, अर्जेंटीना संग हुई महाडील

होमताजा खबरदेश
ड्रैगन का खेल खत्म, सफेद सोने के भंडार पर भारत का कब्जा, अर्जेंटीना संग महाडील
Last Updated:August 29, 2026, 15:23 IST
भारत और अर्जेंटीना के बीच हुए नए आर्थिक समझौतों ने वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है. ब्यूनस आयर्स में हुई बैठक के बाद लिथियम माइनिंग में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है. इसके साथ ही भारतीय फार्मा कंपनियों को अर्जेंटीना में आसान एंट्री मिलेगी. दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर पार कर चुका है. इससे भारत के ईवी सेक्टर और कृषि निर्यात को फायदा होने वाला है.भारत और अर्जेंटीना के बीच 6.5 अरब डॉलर का ट्रेड. (Photo : PIB)
नई दिल्ली: ब्यूनस आयर्स में आयोजित भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति की चौथी बैठक में ऐतिहासिक खाका खींचा गया है. इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान बने रोडमैप की समीक्षा की गई. दोनों देशों ने खनन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश का संकल्प दोहराया है. इस फैसले से भारत को अर्जेंटीना के विशाल लिथियम भंडार तक सीधी पहुंच मिल रही है. साथ ही भारतीय दवा कंपनियों के लिए लैटिन अमेरिकी बाजार के दरवाजे पूरी तरह खुल गए हैं. यह साझेदारी न केवल चीन के दबदबे को चुनौती देगी, बल्कि भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति को भी नई रफ्तार प्रदान करेगी.
अर्जेंटीना के सफेद सोने पर भारत का कब्जा कैसे बदलेगा गेम?
भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड यानी काबिल ने बड़ा कमाल किया है. अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में लिथियम खनन के दूसरे चरण की ड्रिलिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है. यह किसी भारतीय कंपनी का लैटिन अमेरिका में पहला बड़ा लिथियम प्रोजेक्ट है. इसके अलावा साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी नए खनन क्षेत्रों की तलाश तेज कर दी गई है. लिथियम को आज के दौर का सफेद सोना कहा जाता है. भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों और एडवांस बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए यह कच्चा माल सबसे जरूरी है. इस प्रोजेक्ट की कामयाबी से भारत की विदेशी निर्भरता खत्म होगी. साथ ही देश में बैटरी निर्माण की लागत में भारी गिरावट आएगी.
Commerce Secretary Rajesh Agrawal leads 4th India–Argentina Joint Trade Committee (JTC) Meeting
Both sides reaffirm commitment to deepen strategic and economic partnership
About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
New Delhi,Delhi
First Published :
August 29, 2026, 15:23 IST
Commerce Secretary Rajesh Agrawal leads 4th India–Argentina Joint Trade Committee (JTC) Meeting
Both sides reaffirm commitment to deepen strategic and economic partnership
India–Argentina advance cooperation in Lithium, Energy and Agriculture; SPS talks open market… pic.twitter.com/UpL3473nt7
— PIB India (@PIB_India) August 29, 2026
भारतीय फार्मा सेक्टर को एनेक्स-1 दर्जे से क्या फायदा मिलेगा?
दवा निर्माण के क्षेत्र में भारत दुनिया की फार्मेसी माना जाता है. अब अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियमों में ढील देते हुए भारत को एनेक्स-2 से एनेक्स-1 श्रेणी में लाने की तैयारी कर ली है. इस बड़े फैसले से भारतीय दवा कंपनियों के लिए वहां का रेगुलेटरी सिस्टम बहुत आसान हो जाएगा. बाजार में एंट्री से जुड़े कड़े नियम खत्म होने से भारतीय कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचेगा. अर्जेंटीना के आम नागरिकों को सस्ती और उच्च क्वालिटी की जेनरिक दवाएं मिल सकेंगी. दोनों देशों ने मेडिकल रेगुलेटरी समझौते को आगे बढ़ाने पर भी रजामंदी दी है. इसके अंतर्गत आयुर्वेद और योग जैसे पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य सिस्टम को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

अर्जेंटीना संग भारत की महाडील. (Photo : PIB)
रिकॉर्ड ट्रेड और कृषि निर्यात से भारतीय किसानों की किस्मत कैसे चमकेगी?
भारत और अर्जेंटीना के बीच कारोबारी रिश्ते हर साल नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. वर्ष 2025 के दौरान दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर के पार पहुंच गया. इसमें सालाना आधार पर 17 फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है. इसी के साथ भारत अब अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर बन गया है. कृषि क्षेत्र में भी भारतीय उत्पादों के लिए नए रास्ते खोले जा रहे हैं. प्याज, दूध, अंगूर, आलू, केला और दालों को अर्जेंटीना के बाजार में भेजने की तैयारी पूरी है. इस कदम से भारत के ग्रामीण इलाकों के किसानों और एक्सपोर्टर्स को सीधा मुनाफा होगा. यह पहल विकसित भारत 2047 के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में मददगार बनेगी.
#WATCH | Delhi: On Global South Coordination on climate-related disasters, Argentina’s Ambassador to India, Mariano Agustín Caucino, says, “There is always a positive impact if this type of assistance and this type of response can be developed. Normally, they are achieved in a… pic.twitter.com/tqPujDDrZT
— ANI (@ANI) August 28, 2026
हाई-टेक टेक्नोलॉजी और 5G में दोनों देश मिलकर क्या नया करेंगे?
आने वाले समय में यह साझेदारी केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी. दोनों देशों ने एविएशन, स्पेस टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज में हाथ मिलाने का फैसला किया है. विशेष रूप से 5G नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम होगा. भारत का मजबूत टेक इकोसिस्टम अर्जेंटीना के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाएगा. दोनों देशों का यह गठजोड़ ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
login



