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राजस्थान में बदला मौसम, आज से सूखे जैसे हालात, 3-4 सितंबर से फिर बारिश के आसार

जयपुर. राजस्थान में अगस्त के आखिरी दिनों में मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ गई है. आईएमडी के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम रहने और मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश हो सकती है. 30 अगस्त को उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.  फिलहाल रजस्थान के किसी भी जिले के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. आईएमडी ने आगे संकेत दिया है कि 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है. दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान में भी सितंबर के शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बन सकता है.

आईएमडी के अनुसार राज्य में  24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. प्रदेश में औसत आर्द्रता 40 से 80 प्रतिशत के बीच रही. आईएमडी के आगामी एक सप्ताह के पूर्वानुमान के मुताबिक बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के अधिकांश हिस्सों में मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने की संभावना है. इस दौरान पूर्वी राजस्थान में केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने के आसार हैं.

राजस्थान में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ गई है और अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है

30 अगस्त को उदयपुर में बारिश, बाकी इलाकों में मौसम शुष्क

30 अगस्त के दैनिक वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान में उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. हालांकि पूरे संभाग में बारिश होने की संभावना नहीं है. वहीं जयपुर, कोटा और भरतपुर समेत पूर्वी राजस्थान के अन्य हिस्सों में व्यापक बारिश का कोई विशेष पूर्वानुमान नहीं है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, नागौर, पाली, श्रीगंगानगर समेत अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है, लेकिन बड़े स्तर पर बारिश का दौर बनने के संकेत नहीं हैं.

30 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है

1 सितंबर के बाद बदल सकता है मौसम

राजस्थान में 1 सितंबर तक अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है. हालांकि 1 सितंबर की दोपहर बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मौसम में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं. इसके बाद 2 से 7 सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बन रही है. इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं अपेक्षाकृत तेज बारिश भी हो सकती है. डीडवाना-कुचामन, सीकर, चूरू, दक्षिण-पूर्वी बीकानेर और पाली में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार बन सकते हैं. 4 से 7 सितंबर के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के अलग-अलग हिस्सों में बिखरी हुई खंड बारिश की संभावना है, हालांकि इन संभागों के बड़े हिस्से में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है.

1 सितंबर की दोपहर बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मौसम बदलने के संकेत हैं

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा सकता है बारिश

आईएमडी के अनुसार 29 अगस्त की शाम उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है. इसके अगले 48 घंटों में अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना जताई गई है. मानसून ट्रफ भी अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और बांका होते हुए निम्न दबाव क्षेत्र तक सक्रिय है. आईएमडी के संकेतों के मुताबिक इस सिस्टम का आगे बढ़ना सितंबर की शुरुआत में राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है.

30 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है

2 से 7 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश के आसार

• राजस्थान में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ गई है और अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.

• श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर गर्मी का असर तेज होता नजर आया है.

• 30 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.

• आईएमडी के अनुसार बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में आगामी दिनों में मानसून कमजोर रहने के आसार हैं.

• 1 सितंबर की दोपहर बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मौसम बदलने के संकेत हैं और इसके बाद कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

• 2 से 7 सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कोटा और उदयपुर में तेज बारिश भी हो सकती है.

2 से 7 सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है

• 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ने की संभावना आईएमडी ने जताई है.

• डीडवाना-कुचामन, सीकर, चूरू, दक्षिण-पूर्वी बीकानेर और पाली के कुछ हिस्सों में सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश के आसार बन सकते हैं.

• उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम है, हालांकि बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बिखरी बारिश हो सकती है.

• बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने से सितंबर की शुरुआत में राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है.

उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में व्यापक बारिश के आसार कम

फिलहाल उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश की संभावना कम है. हालांकि कुछ स्थानों पर बिखरी हुई खंड बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में मानसून की विदाई का सामान्य समय करीब 17 सितंबर और पूर्वी राजस्थान में 30 सितंबर माना जाता है. इस बार मानसून की सक्रियता कमजोर रहने के कारण आगे की स्थिति सिस्टम और बारिश के पैटर्न पर निर्भर करेगी. फिलहाल सितंबर की शुरुआत में पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ने के संकेत जरूर हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर बनने की संभावना अभी कम है.

3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ने की संभावना आईएमडी ने जताई है

राजस्थान में 30 अगस्त को कहां बारिश होने की संभावना है?

30 अगस्त को राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है. आईएमडी के अनुसार पूर्वी राजस्थान के उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. हालांकि पूरे संभाग में बारिश होने का अनुमान नहीं है. जयपुर, कोटा, भरतपुर और अन्य इलाकों में इस दिन व्यापक बारिश का कोई विशेष पूर्वानुमान नहीं है. पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.

राजस्थान में मानसून कब फिर सक्रिय हो सकता है?

राजस्थान में मानसून की गतिविधियां सितंबर की शुरुआत में फिर बढ़ सकती हैं. आईएमडी के अनुसार 1 सितंबर की दोपहर बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मौसम में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं. इसके बाद 2 से 7 सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं तेज बारिश भी संभव है.

राजस्थान में अभी सबसे ज्यादा गर्मी कहां पड़ रही है?

राजस्थान में पश्चिमी हिस्सों में मानसून कमजोर रहने के कारण गर्मी का असर दोबारा बढ़ रहा है. शनिवार तक के आंकड़ों में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में आने वाले दिनों में भी मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. बारिश की गतिविधियां कमजोर होने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है. खासकर सीमावर्ती और पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो सकता है.

सितंबर की शुरुआत में किन जिलों में बारिश हो सकती है?

सितंबर की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बन रही है. कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं अपेक्षाकृत तेज बारिश हो सकती है. इसके अलावा डीडवाना-कुचामन, सीकर, चूरू, दक्षिण-पूर्वी बीकानेर और पाली में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं. 4 से 7 सितंबर के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के अलग-अलग हिस्सों में बिखरी हुई खंड बारिश हो सकती है. हालांकि पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं.

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का राजस्थान पर क्या असर होगा?

आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. यह सिस्टम अगले 48 घंटों में अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है. इसके आगे बढ़ने से सितंबर की शुरुआत में राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं. हालांकि इसका असर पूरे प्रदेश में समान नहीं रहेगा.

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