जयपुर में गणपति जन्मोत्सव की तैयारी, मोती डूंगरी मंदिर में 9 दिन चलेगा उत्सव, 3000 किलो मोदक होंगे खास आकर्षण

Last Updated:September 06, 2026, 23:41 IST
Jaipur Ganesh Chaturthi 2026: जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 7 से 15 सितंबर तक गणेश जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा. नौ दिनों तक मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे. गणेश चतुर्थी के अवसर पर 3 हजार किलो मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेगी. गणपति महाराज के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं.
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जयपुर में मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव
जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर में गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार बेहद खास होने जा रहा है. शहर के आराध्य देव प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में आगामी गणेश चतुर्थी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. मंदिर प्रशासन और भक्तों में इस महापर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. महोत्सव के दौरान भगवान गणेश के दरबार में एक के बाद एक कई भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे, जिसमें देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु गजानन महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव का यह भव्य आयोजन 7 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक यानी पूरे 9 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा. इन नौ दिनों में मंदिर परिसर को फूलों और विद्युत रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया जाएगा. महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विशेष झांकियां सजाई जाएंगी और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. इस दौरान पूरा जयपुर शहर बाप्पा की भक्ति में सराबोर नजर आएगा.
14 सितंबर को मचेगी धूम, धूमधाम से मनाया जाएगा जन्मोत्सवमहोत्सव के मुख्य आकर्षणों में 14 सितंबर की तारीख सबसे खास होगी, जब गणपति महाराज का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और हवन का आयोजन किया जाएगा. जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भगवान गणेश को पोशाक पहनाई जाएगी और विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसके दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ने की संभावना है.
9 सितंबर को निकलेगी 3 हजार किलो मोदकों की भव्य झांकीगणेशोत्सव के तीसरे दिन यानी 9 सितंबर को एक अत्यंत मनमोहक झांकी निकाली जाएगी. इस दिन मंदिर परिसर में कुल 3 हजार किलो मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी. इस झांकी में 251-251 किलोग्राम वजनी दो विशेष मोदक मुख्य आकर्षण का केंद्र बिंदु होंगे, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचेंगे. भगवान को लगने वाला यह महाभोग शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
13 सितंबर को सिंजारा, चांदी के सिंहासन पर बैठेंगे बाप्पागणेश चतुर्थी से एक दिन पूर्व यानी 13 सितंबर को पारंपरिक ‘सिंजारा’ उत्सव मनाया जाएगा. इस पावन अवसर पर गणपति महाराज चांदी के भव्य सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे. सिंजारे के इस विशेष आयोजन के लिए करीब 3500 किलोग्राम मेहंदी का उपयोग किया जाएगा, जो इस उत्सव को और अधिक पारंपरिक और अनूठा बनाएगा.
19 घंटे से अधिक समय तक होंगे दर्शनश्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर के कपाट विशेष रूप से लंबे समय तक खुले रहेंगे. इस दिन भक्त 19 घंटे से अधिक समय तक लगातार गजानन महाराज के अलौकिक दर्शन कर सकेंगे. इसके बाद, 15 सितंबर को शाम 4 बजे गजानन महाराज की भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी. यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर बप्पा का स्वागत किया जाएगा. इस प्रकार, यह नौ दिवसीय महोत्सव जयपुरवासियों के लिए एक यादगार उत्सव साबित होगा.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 06, 2026, 23:41 IST



