750 बीघा जमीन और 4.33 करोड़ की संपत्ति बनी हत्या की वजह, 1 लाख की सुपारी का खुलासा

Last Updated:September 10, 2026, 15:56 IST
Chandresal Math Murder: कोटा के चर्चित चंद्रशेल मठ के देवानंद महाराज की हत्या मामले में पुलिस ने चार्जशीट पेश की है. आरोप है कि 750 बीघा जमीन और बैंक खातों में जमा 4.33 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची गई. वकील संतोष कुमार राय पर महज 1 लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप है. मामले में 7 आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ कार्रवाई हुई है.
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चंद्रशेल मठ के देवानंद महाराज की हत्या
कोटा: कोटा शहर में स्थित बहुचर्चित 1100 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी. संपत्ति और वर्चस्व की लालच में रची गई इस खूनी साजिश का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकारी वकील और सुपारी किलर समेत 7 आरोपियों व एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट (चालान) पेश कर दी है.
संपत्ति और वर्चस्व का खूनी खेल यह पूरा मामला 750 बीघा बेशकीमती जमीन और बैंक खातों में जमा 4.33 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को हड़पने से जुड़ा है. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि एडवोकेट संतोष कुमार राय था. मठ की संपत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए उसने महंत देवानंद महाराज को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. इस घृणित कार्य को अंजाम देने के लिए महज 1 लाख रुपये की सुपारी देकर बदमाशों को तैयार किया गया था.
देवानंद महाराज पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वारपुलिस के अनुसार, शक की सुई को दूर रखने के लिए मुख्य षड्यंत्रकारी वकील संतोष राय घटना से ठीक पहले जयपुर के एक अस्पताल में पैर की सर्जरी के बहाने भर्ती हो गया था, ताकि वह अपनी उपस्थिति शहर से बाहर दिखा सके. निर्मम हत्या की रात घटना 5 जून की रात की है. बदमाशों ने गहरी नींद में सो रहे देवानंद महाराज पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ कई वार किए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि महंत के शरीर पर करीब 26 गंभीर घाव पाए गए थे, जिनमें से ज्यादातर वार उनकी पीठ और सीने पर किए गए थे. मठ के कोषाध्यक्ष बृजमोहन गुर्जर ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ बोरखेड़ा थाने में इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हत्या का मामला दर्ज किया. गंभीर रूप से घायल अवस्था में महंत को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस का खुलासा और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां हत्या के इस पेचीदा मामले को सुलझाने के लिए कोटा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की मदद ली.
अपराधियों को जल्द से जल्द कठोर सजाइस घटना के कुछ ही दिनों बाद 11 जून को पुलिस ने इस अंधेकत्ल की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया. एसआईटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह साफ हुआ कि किस प्रकार एक सोची-समझी साजिश के तहत इस वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया था. चार्जशीट और आगे की कानूनी प्रक्रिया बोरखेड़ा थाना पुलिस ने इस बहुचर्चित सनसनीखेज मामले में अपना अनुसंधान पूरा कर लिया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूर्व पुजारी, सुपारी किलर, वकील सहित कुल 7 नामजद आरोपियों और 1 विधि से संघर्षरत किशोर (नाबालिग) के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस हाई-प्रोफाइल केस को पुलिस द्वारा ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत लिया गया है, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जा सके. इस मामले में अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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September 10, 2026, 15:38 IST



