Health Tips: सेहत के लिए वरदान है लौकी का जूस, जानें सुबह पीने के जबरदस्त फायदे

Last Updated:September 11, 2026, 09:41 IST
Benefits of bottle gourd juice: भागदौड़ भरी जिंदगी और खानपान की बदलती आदतों के बीच शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लोग प्राकृतिक चीजों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे है. ऐसी ही फायदेमंद सब्जियों में शामिल है लौकी, जिसका जूस पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है. सुबह सही तरीके से लौकी का जूस पीने से शरीर को ताजगी मिल सकती है और पाचन को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं लौकी के जूस के फायदे और इसके सेवन का सही तरीका.
शरीर को ठंडक और पर्याप्त पानी की जरूरत को पूरा करने में रसोई में आसानी से मिलने वाली लौकी का जूस बेहद लाभकारी साबित हो सकती है. इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए यह शरीर में तरल पदार्थ की पूर्ति करने में मदद करती है. लौकी से तैयार ताजा जूस हाइड्रेशन के लिए भी फायदेमंद है. खाली पेट इसका सेवन और बेहतरीन माना जाता है.
ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और थकान महसूस होने लगती है. लौकी पानी से भरपूर होने के कारण शरीर को तरलता देने में मदद कर सकती है. यह पेट के गर्मी को भी शांत करती है. इसका हल्का और आसानी से पचने वाला होता है, इसलिए यह एक उपयोगी आहार है. यह पेट रोगियों के लिए तो एकदम रामबाण है, बस एक्सपर्ट की राय जरूरी है.
बलिया की फेमस आयुर्वेदाचार्य डॉ प्रियंका सिंह के अनुसार, लौकी में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. इसे नियमित भोजन का हिस्सा बनाने से पाचन प्रक्रिया को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है. फाइबर की पर्याप्त मात्रा कब्ज जैसी परेशानी से बचाव में भी सहायता प्रदान करती है. अतः लौकी को सब्जी के रूप में खाना भी सेहत के लिए बेहद लाभकारी है.
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लौकी में पोटैशियम सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते है. लौकी को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने पर पोटैशियम शरीर में सामान्य रक्तचाप बनाए रखता है. यही कारण है कि आयुष विशेषज्ञ लौकी जैसी सब्जियों को संतुलित डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं. हालांकि, हृदय रोग या ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करना उचित होता है.
अगर आप भी वजन को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है, तो लौकी को डाइट में शामिल कर सकते है. इसमें पानी अधिक और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है. लौकी का सेवन पेट को ज्यादे समय तक भरे रहने का एहसास कराने में सहायता कर सकती है. लेकिन केवल लौकी का जूस पीने से वजन कम नहीं होता हैं, इसके लिए संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि/योग व्यायाम भी आवश्यक है.
शुगर के मरीज अक्सर खान-पान को लेकर सावधान रहते है और रहना चाहते है. लौकी साधारण तौर पर कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसको संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है. लेकिन इसका जूस को किसी दवा का विकल्प मानना समझदारी है. मधुमेह के रोगियों को बिना चिकित्सकीय सलाह के नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में जूस लेने के बजाय अपनी शुगर और डाइट को ध्यान में रखकर ही इसका सेवन करना सही होता है.
जूस बनाने के लिए एकदम ताजी, साफ और संभव हो तो बिना बीज वाली लौकी का इस्तेमाल करे. इसे अच्छी तरह धोकर छीलें और अगर बीज दिखे तो आवश्यकतानुसार उसको निकालकर जूस तैयार करें. कड़वी लौकी का जूस हानिकारक होता हैं. इसलिए कड़वी लौकी से बचे. ताजा बनाया हुआ जूस पिए और इसे लंबे समय तक रखकर न सेवन करें. डाइट और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इसका सेवन किया जा सकता है.
लौकी का जूस पीते समय बहुत ही सावधान है कि कही वह कड़वा तो नहीं है. अगर लौकी स्वाद में कड़वी लगे तो उसका जूस बिल्कुल ही न पिएं और उसे फेंक देना चाहिए. कड़वी लौकी में ऐसे प्राकृतिक यौगिक हो सकते हैं जो उल्टी, पेट दर्द और गंभीर विषाक्तता जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं. अतः फायदे के चक्कर में स्वाद में कड़वी लौकी का सेवन करना बेहद हानिकारक हो सकता है.
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September 11, 2026, 09:41 IST



