यहां भगवान से मांगते हैं मनचाहा जीवनसाथी, रजिस्टर में लिखते हैं नाम से लेकर पूरा बायोडाटा

Kota: राजस्थान के कोटा शहर में स्थित ऐतिहासिक गणेश पाल मंदिर आस्था का एक ऐसा अनूठा केंद्र है, जहां भक्तों की मुरादें केवल प्रार्थनाओं तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उन्हें बाकायदा एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है. जब कोई श्रद्धालु अपनी समस्या लेकर भगवान गणेश के इस दरबार में पहुंचता है, तो वह अपनी मनोकामना एक रजिस्टर के पन्नों पर लिखकर बप्पा के चरणों में समर्पित करता है. इस मंदिर में भगवान गणेश को मुरादें पूरी करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है, और यह मुरादों का रजिस्टर इस मंदिर की सबसे बड़ी और खास पहचान बन चुका है.
शादी न हो रही हो, अच्छी नौकरी का इंतजार हो, व्यापार में लगातार घाटा हो रहा हो, या फिर अपने सपनों का घर बनाने की चाहत हो- श्रद्धालु अपनी हर तरह की समस्या लेकर कोटा के इस गणेश पाल मंदिर में आते हैं. मंदिर के पुजारी हर्षवर्धन गौतम बताते हैं कि भक्त अपनी मुराद रजिस्टर में लिखते हैं. कोई लिखता है, ‘हे गणेश जी, मेरी अच्छी नौकरी लगवा दीजिए,’ तो कोई अपने कारोबार की तरक्की की प्रार्थना करता है. लेकिन इस रजिस्टर के पन्नों को पलटने पर जो सबसे ज्यादा मुरादें नजर आती हैं, वे हैं शादी और अच्छे जीवनसाथी की.
आस्था का अपना मैरिज ब्यूरो: प्रोफाइल करते हैं दर्जशादी की मुरादें लिखने का तरीका भी यहां बिल्कुल अनोखा है. युवक हो या युवती, कई लोग यहां अपनी शादी की इच्छा के साथ अपना पूरा बायोडाटा (प्रोफाइल) तक दर्ज करवाते हैं. रजिस्टर के पन्नों पर नाम, पूरा पता, उम्र, शैक्षणिक योग्यता और मनचाहे जीवनसाथी की पूरी जानकारी लिखी जाती है. इसे देखकर ऐसा लगता है मानो भगवान गणेश के दरबार में ही आस्था का अपना एक अलग मैरिज ब्यूरो खुल गया हो. लोगों का अटूट विश्वास है कि इस रजिस्टर में अपनी जानकारी और मुराद लिखने से भगवान गणेश जल्द ही उनकी शादी के योग बना देते हैं.
मन्नत पूरी होने पर धन्यवाद देने आते हैं श्रद्धालुमंदिर व्यवस्थापक सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, इस रजिस्टर के पन्ने सिर्फ अधूरी इच्छाओं की कहानी नहीं बताते, बल्कि इनमें उन सैकड़ों लोगों की आस्था और सफलता की कहानियां भी दर्ज हैं, जिनकी मनोकामनाएं यहां लिखने के बाद पूरी हुई हैं. जिन लोगों ने कारोबार, घर या शादी की मुराद यहां लिखी थी, मन्नत पूरी होने के बाद वे लोग दोबारा भगवान के दरबार में ढोक लगाने (धन्यवाद देने) जरूर आते हैं. अपनी मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करवाते हैं और भगवान को प्रसाद चढ़ाते हैं. हाल ही में मंदिर पहुंचे एक नवविवाहित दंपती ने बताया कि उन्होंने भी इसी रजिस्टर में अपनी शादी की मुराद लिखी थी, जो भगवान गणेश की कृपा से पूरी हो गई.
‘शादी वाले गणेश’ और मनोकामना सिद्ध भगवानलगातार मन्नतें पूरी होने के कारण ही स्थानीय लोग गणेश पाल के इन गणेश जी को बेहद श्रद्धा और प्यार से ‘शादी वाले गणेश’ और ‘मनोकामना सिद्ध गणेश’ कहकर बुलाते हैं. यहां आने वाले हर श्रद्धालु की भगवान में गहरी आस्था है. उनका मानना है कि आस्था में अगर सच्चा विश्वास हो, तो उम्मीद कभी नहीं टूटती. लोग अपनी मुरादें और उम्मीदें लेकर आते हैं, उन्हें रजिस्टर के पन्नों पर लिखते हैं, और बप्पा से मन्नत पूरी होने का आशीर्वाद लेकर खुशी-खुशी लौट जाते हैं. रजिस्टर के इन पन्नों पर लिखी हर मुराद पूरी होती है या नहीं, यह भले ही आस्था और शोध का विषय हो सकता है, लेकिन इस ऐतिहासिक मंदिर का यह मुरादों वाला रजिस्टर अपने आप में आस्था का एक बहुत बड़ा और अद्भुत प्रतीक है.



