मंदिर जाने का बना रहे हैं प्लान तो रुक जाएं, 16-17 सितंबर को बंद रहेगा कपाट

Last Updated:September 15, 2026, 16:19 IST
Sikar Khatu Shyam Mandir Closed: खाटूश्याम जी मंदिर 16 सितंबर की रात 10 बजे से 17 सितंबर शाम 4:30 बजे तक विशेष तिलक श्रृंगार और पूजा-अर्चना के कारण आम भक्तों के लिए बंद रहेगा. मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से इस दौरान दर्शन के लिए नहीं आने की अपील की है.
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Khatu Shyam Mandir Band: देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में एक खाटूश्याम जी मंदिर आम भक्तों के लिए अस्थाई रूप से बंद रहने वाला है. ऐसे में अगर कोई भक्त बाबा श्याम के दर्शन करने की योजना बना रहे तो इस जरूरी सूचना के बारे में जरूर जान ले. मंदिर कल 16 सितंबर की रात से करीब 19 घंटे के लिए भक्तों के लिए बंद रहने वाला है. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने इसको लेकर आधिकारिक सूचना भी जारी कर दी है. कमेटी के अनुसार बाबा श्याम के विशेष तिलक श्रृंगार और पूजा-अर्चना के कारण मंदिर भक्तों के लिए अस्थाई रूप से बंद किया जाएगा.
मंदिर कमेटी की ओर से मंदिर बंद रहने और दोबारा पट खुलने का समय भी जारी किया गया है. ऐसे में भक्त मंदिर पहुंचने से पहले समय जरूर देख लें, ताकि उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. कमेटी के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने बताया कि मंदिर की परंपरा के अनुसार बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार किया जाता है. इसके लिए 16 सितंबर बुधवार रात 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद 17 सितंबर गुरुवार को दिनभर भक्तों के लिए मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे.
बाबा श्याम का होगा विशेष तिलक श्रृंगारमंदिर बंद रहने के दौरान बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार और पूजा विधि-विधान से संपन्न होगी. धार्मिक परंपरा के अनुसार बाबा श्याम के मस्तक पर चंदन का लेप किया जाएगा. इसके साथ ही मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना होगी. इस पूरी धार्मिक प्रक्रिया में मंदिर के पुजारी और अधिकृत सेवादार ही शामिल होंगे.
17 सितंबर शाम 4:30 बजे फिर खुलेंगे पटविशेष पूजा और तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 सितंबर गुरुवार शाम 4:30 बजे संध्या आरती के समय मंदिर के पट भक्तों के लिए दोबारा खोल दिए जाएंगे. यानी 16 सितंबर रात 10 बजे से 17 सितंबर शाम 4:30 बजे तक करीब 18 घंटे 30 मिनट तक मंदिर में आम भक्तों के लिए दर्शन बंद रहेंगे. मंदिर कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि मंदिर बंद रहने के दौरान खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए आने से बचें. निर्धारित समय का ध्यान रखने से श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी.
जानिए कौन है बाबा श्यामबाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना झिझक भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया. इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और वे हारे हुए लोगों के सहारा बनेंगे. तभी से बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Sikar,Rajasthan
First Published :
September 15, 2026, 16:19 IST



