क्या आप खाना उल्टा खा सकते हैं? जानें Reverse Eating का ट्रेंड, खाने का ये तरीका क्यों हो रहा है वायरल

खाना खाने का तरीका भी कभी ट्रेंड बन सकता है, शायद यह बात आपने नहीं सोची होगी. सोशल मीडिया पर इन दिनों Reverse Eating का जिक्र देखने को मिलता है. नाम सुनकर लग सकता है कि इसमें खाना सचमुच उल्टा या किसी अजीब तरीके से खाया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. Reverse Eating का मतलब आमतौर पर खाने के क्रम को बदलना होता है. यानी जिस तरह हम सामान्य तौर पर खाना खाते हैं, उसकी जगह कुछ लोग अपने मील के अलग-अलग हिस्सों को एक अलग क्रम में खाना शुरू करते हैं.
क्या है Reverse Eating?
Reverse Eating का कोई एक तय नियम नहीं है. सोशल मीडिया और अलग-अलग डाइट प्लान में इसका मतलब अलग-अलग तरीके से बताया जाता है. इसका एक आम तरीका है कि खाने की शुरुआत सब्जियों, सलाद या प्रोटीन वाले हिस्से से की जाए और कार्बोहाइड्रेट यानी चावल, रोटी या दूसरे स्टार्च वाले खाद्य पदार्थ बाद में खाए जाएं. उदाहरण के लिए अगर आपकी प्लेट में सब्जी, दाल, रोटी और चावल हैं, तो आप पहले सब्जी और दाल खा सकते हैं और उसके बाद रोटी या चावल. कुछ लोग इसे खाने का क्रम बदलना या Reverse Eating कहते हैं.
आखिर इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों है?
इस ट्रेंड के पीछे सबसे ज्यादा चर्चा ब्लड शुगर को लेकर होती है. खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट पचने के बाद ग्लूकोज में बदलते हैं. अगर भोजन में पहले फाइबर और प्रोटीन वाले हिस्से लिए जाएं और कार्बोहाइड्रेट बाद में खाए जाएं, तो कुछ रिसर्च में खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज और इंसुलिन के बढ़ने की प्रतिक्रिया पर असर देखा गया है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ खाने का क्रम बदलने से हर व्यक्ति का ब्लड शुगर कंट्रोल हो जाएगा. भोजन की कुल मात्रा, उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन और व्यक्ति की सेहत जैसे कई दूसरे फैक्टर भी महत्वपूर्ण होते हैं.
क्या इससे वजन कम होता है?
Reverse Eating को लेकर सोशल मीडिया पर वजन घटाने के दावे भी किए जाते हैं, लेकिन इसे सीधे वजन घटाने का पक्का तरीका मानना सही नहीं है. वजन पर कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि, नींद, खान-पान की आदतों और कई दूसरे कारकों का असर पड़ता है. हां, अगर सब्जियों और प्रोटीन से शुरुआत करने की वजह से किसी व्यक्ति को जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होता है और वह बाद में कम खाना खाता है, तो कुल भोजन की मात्रा कम हो सकती है. लेकिन यह हर व्यक्ति के साथ जरूरी नहीं है.
क्या आपको भी ट्राय करना चाहिए?
अगर आप सामान्य तौर पर संतुलित खाना खाते हैं, तो प्लेट में सब्जियां और प्रोटीन बढ़ाना और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को संतुलित रखना एक अच्छी आदत हो सकती है. खाने का क्रम बदलना भी कुछ लोगों के लिए आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसे किसी जादुई डाइट की तरह नहीं देखना चाहिए.
खाने को सचमुच “उल्टा” खाने की जरूरत नहीं है. Reverse Eating का असल मतलब अक्सर सिर्फ इतना है कि आप अपनी प्लेट में मौजूद चीजों को एक अलग क्रम में खाते हैं. यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर भले ही नया और दिलचस्प लग रहा हो, लेकिन इसका असर व्यक्ति और उसके पूरे खान-पान पर निर्भर करता है.



