Kisan Andolan: 58% पानी की मांग पर आर-पार की लड़ाई, 21 सितंबर को घड़साना में किसानों का शक्ति प्रदर्शन

Last Updated:September 15, 2026, 12:45 IST
Kisan Andolan: खाजूवाला में सिंचाई पानी के मुद्दे पर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है. 58 प्रतिशत पानी की मांग को लेकर किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. 21 सितंबर को घड़साना में बड़ा महाआंदोलन और शक्ति प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसके लिए गांव-गांव संपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है. किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी है.
बीकानेर. खाजूवाला में सिंचाई पानी के मुद्दे को लेकर बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं. किसानों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए आगामी 21 सितंबर को घड़साना में बड़े महाआंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है. किसानों के इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और शक्ति प्रदर्शन किए जाने की बात कही जा रही है.
सिंचाई पानी के बंटवारे में किसानों के हक को लेकर लंबे समय से चल रही मांग के बीच अब किसान संगठनों ने 58 प्रतिशत पानी की मांग को प्रमुखता से उठाया है. किसानों का कहना है कि पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से कृषि व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है.
खाजूवाला पहुंचे कामरेड नेता
आंदोलन को धार देने के लिए कामरेड नेता खाजूवाला पहुंचे, इस दौरान किसानों के साथ बैठक कर आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई. नेताओं ने किसानों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया. बैठक में चार में से दो समूहों को पानी की मांग को लेकर आंदोलन और तेज करने की अपील की गई.
21 सितंबर को घड़साना में होगा बड़ा जमावड़ा
किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि 21 सितंबर को घड़साना में महाआंदोलन किया जाएगा. इसके लिए गांव-गांव संपर्क कर किसानों को आंदोलन में शामिल होने के लिए तैयार किया जा रहा है. प्रस्तावित जलसे में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी के साथ शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है. कामरेड श्योपत राम ने आंदोलन के दौरान सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीफ इंजीनियर को हटाकर रहेंगे और किसानों के हक का पानी लेकर रहेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. ऐसे में 21 सितंबर को घड़साना में होने वाला महाआंदोलन सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। किसानों ने साफ कर दिया है कि सिंचाई पानी के मुद्दे पर अब आंदोलन को निर्णायक दौर तक ले जाने की तैयारी है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 15, 2026, 11:22 IST



