सुबह उठते ही गर्दन में दर्द? गलत तकिया हो सकता है इसकी वजह, डॉक्टर ने बताया सही तरीका

फरीदाबाद: रातभर अच्छी नींद लेने के बाद भी अगर सुबह उठते ही गर्दन में दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस होता है, तो इसकी वजह आपका तकिया भी हो सकता है. अक्सर लोग आराम के लिए अपनी पसंद का बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सोते समय गर्दन की सही स्थिति बिगड़ने से परेशानी बढ़ सकती है. गलत तकिया गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव डाल सकता है और लगातार ऐसा होने पर दर्द की समस्या परेशान कर सकती है. आखिर तकिया कितना ऊंचा होना चाहिए और सही तकिया कैसे चुनें… इसे लेकर डॉक्टर ने जरूरी जानकारी दी है.
गर्दन का सही एलाइनमेंट बनाए रखना जरूरी
लोकल18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के हड्डी एवं रीढ़ की सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. आशीष तोमर बताते हैं कि सोते समय तकिए की सही ऊंचाई ऐसी होनी चाहिए, जिससे गर्दन का एलाइनमेंट बना रहे. हमारी गर्दन का जो घुमाव होता है, उसे सर्वाइकल लॉर्डोसिस कहा जाता है. इसे बनाए रखने के लिए सामान्य तौर पर पतला तकिया इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. इससे गर्दन का सही घुमाव बना रहता है और गर्दन न तो आगे की तरफ झुकती है और न ही बिल्कुल सीधी रहती है.
बहुत मोटा तकिया गर्दन पर डाल सकता है खिंचाव
गलत ऊंचाई वाला तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन में दर्द क्यों होने लगता है, इस पर डॉक्टर आशीष बताते हैं कि अगर तकिया बहुत मोटा है, तो सोते समय हमारी गर्दन आगे की तरफ झुकी रहती है. इसे सर्वाइकल फ्लेक्शन कहा जाता है. पूरी रात गर्दन आगे की तरफ झुकी रहने से मांसपेशियों पर लगातार खिंचाव पड़ता रहता है. इसी वजह से मांसपेशियों में दर्द होने लगता है और सुबह उठने पर परेशानी महसूस हो सकती है.
बहुत ऊंचा या पतला तकिया भी हो सकता है परेशानी की वजह
बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया रोज इस्तेमाल करने पर गर्दन की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और डिस्क पर खिंचाव पड़ सकता है. इस खिंचाव की वजह से गर्दन में दर्द रहने की संभावना होती है. मरीज को सुबह उठने के बाद अकड़न भी महसूस हो सकती है. इसलिए सोते समय गर्दन की सही स्थिति बनाए रखना जरूरी है.
हर गर्दन दर्द को सर्वाइकल समझना सही नहीं
सर्वाइकल की बीमारी को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं. डॉक्टर आशीष बताते हैं कि आम जनता जिस परेशानी को सर्वाइकल समझती है, वह सामान्य तौर पर मांसपेशियों से जुड़ा दर्द होता है. हालांकि गलत तकिया इस्तेमाल करने से मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव पैदा हो सकता है. इसकी वजह से गर्दन में वही दर्द महसूस हो सकता है, जिसे आम लोग सर्वाइकल का दर्द कहते हैं. ऐसी स्थिति में सामान्य तौर पर व्यायाम आदि करने की सलाह दी जाती है.
असहनीय दर्द होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं
डॉक्टर आशीष बताते हैं कि अगर सुबह उठते ही गर्दन में जकड़न या दर्द महसूस होता है, तो इसकी वजह गलत तकिया हो सकती है. लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा या असहनीय है, तो सही तरीका यही रहेगा कि आप अपने डॉक्टर को दिखाएं. डॉक्टर जांच करके पता करेंगे कि यह केवल मांसपेशियों का दर्द है या इसके पीछे कोई दूसरी बीमारी है. इसका कारण रीढ़ की हड्डी का संक्रमण भी हो सकता है. किसी ट्यूमर का फैलाव भी इसकी वजह हो सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.
गर्दन के दर्द से बचाव के लिए व्यायाम जरूरी
गर्दन के दर्द से बचने के तरीकों पर डॉक्टर आशीष बताते हैं कि आम जनता जिस परेशानी को सर्वाइकल समझती है, उससे बचाव के लिए सबसे जरूरी व्यायाम है. इसके लिए तीन से चार तरह के व्यायाम किए जा सकते हैं. इनमें एक व्यायाम हाथों को ऊपर उठाकर करने वाला व्यायाम है. यह व्यायाम इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज की रोजमर्रा की जिंदगी में हम हाथों को ऊपर करके बहुत कम काम करते हैं.
सुबह व्यायाम से सक्रिय होंगी गर्दन की मांसपेशियां
डॉक्टर आशीष बताते हैं कि हाथों को ऊपर उठाकर व्यायाम करने से इन मांसपेशियों का भी इस्तेमाल होता है, जिनका पूरे दिन में ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो पाता है. रोजमर्रा के काम में इनका उपयोग कम होता है, इसलिए सुबह व्यायाम के जरिए इन मांसपेशियों को सक्रिय किया जा सकता है. सुबह-सुबह व्यायाम करना गर्दन की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद हो सकता है.



