राजनीति में Gen Z की एंट्री, 22 साल की कनिष्का ने जीता पार्षद चुनाव, सीकर में रचा नया रिकॉर्ड

Last Updated:September 16, 2026, 16:44 IST
Sikar News: सीकर जिले की दाता नगरपालिका में 22 वर्षीय कनिष्का शर्मा ने पार्षद का चुनाव जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है. वह सीकर जिले की सबसे कम उम्र की पार्षद बनी हैं, जो Gen Z की राजनीति में बढ़ती भागीदारी को दर्शाती हैं.
Sikar News: Gen Z की राजनीति में एंट्री, 22 साल की कनिष्का ने जीता पार्षद का चुनाव, सीकर में रचा नया रिकॉर्डNews: सीकर जिले के दाता नगरपालिका में इस बार निकाय चुनाव का परिणाम युवाओं के लिए खास रहा. यहां वार्ड नंबर 24 से कांग्रेस प्रत्याशी कनिष्का शर्मा ने महज 22 वर्ष की उम्र में पार्षद का चुनाव जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है. कनिष्का सीकर जिले की सबसे कम उम्र की पार्षद बनी है. उनकी जीत ने राजनीति में Gen Z की बढ़ती भागीदारी को भी चर्चा में ला दिया है.
खास बात ये है कि Gen Z पार्षद कनिष्का शर्मा ने अपने खुद के वार्ड से चुनाव नहीं लड़ा. बल्कि वार्ड बदलकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था. इसमें उनके पिता पवन कुमार शर्मा ने भी साथ दिया. चुनाव में उन्हें पार्टी के दो बागी प्रत्याशियों की चुनौती भी मिली, इसके बावजूद कनिष्का ने 149 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. कम उम्र में यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने सीधे स्थानीय राजनीति के चुनावी मैदान में उतरकर अपनी जगह बनाई है.
कनिष्का ने जयपुर के महारानी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा का रास्ता भी जारी रखा. वर्तमान में वे वीओएमयू, कोटा से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं. साथ ही शेखावाटी विश्वविद्यालय से बीएड कर रही हैं. यानी पढ़ाई के साथ राजनीतिक जिम्मेदारी संभालने वाली युवा पीढ़ी की तस्वीर भी उनकी जीत में नजर आती है.
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कनिष्का की जीत को Gen Z के राजनीतिक जुड़ाव के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है. यह वह पीढ़ी है जो सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए विचारों के साथ बड़ी हुई है. अब इसी पीढ़ी के युवा स्थानीय निकायों के जरिए सीधे जनप्रतिनिधित्व की भूमिका में भी पहुंच रहे हैं. नगर निकाय चुनाव 2026 में कनिष्का शर्मा सीकर जिले में कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख दलों के बीच सबसे कम उम्र में चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों में शामिल हैं.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार राजस्थान में उनसे कम उम्र में पार्षद बनने वालों में 21 वर्षीय नेहा शर्मा और फैज हसन के नाम भी सामने आए हैं. ऐसे में कनिष्का को प्रदेश की तीसरी सबसे कम उम्र की पार्षद बनी है. कनिष्का की जीत के साथ दांतारामगढ़ की स्थानीय राजनीति में युवा नेतृत्व को लेकर भी चर्चा तेज हुई है. कांग्रेस की ओर से लंबे समय से युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात कही जाती रही है. कनिष्का की जीत इसी दिशा में एक अहम उदाहरण के तौर पर सामने आई है.
22 साल की उम्र में पार्षद बनकर कनिष्का शर्मा ने पढ़ाई, युवा सोच और राजनीतिक जिम्मेदारी के बीच एक नई तस्वीर पेश की है. उनकी जीत सिर्फ एक वार्ड के चुनाव परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय राजनीति में Gen Z की दस्तक के तौर पर भी देखी जा रही है. अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि कनिष्का अपने कार्यकाल में युवा सोच को नगरपालिका के कामकाज से किस तरह जोड़ती हैं.
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September 16, 2026, 16:44 IST



