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Fiji HIV Emergency: फिजी में बेकाबू हुआ HIV संक्रमण, घोषित हुआ नेशनल इमरजेंसी; क्यों बिगड़े हालात?

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फिजी में बेकाबू हुआ HIV संक्रमण, घोषित हुआ नेशनल इमरजेंसी; क्यों बिगड़े हालात?

Last Updated:September 18, 2026, 09:13 IST

Fiji HIV Emergency: प्रशांत महासागर के छोटे देश फिजी में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ने के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित किया गया है. 2025 में देश में 2016 नए HIV मामले सामने आए. अब करीब हर 60 वयस्कों में एक व्यक्ति HIV के साथ जी रहा है. पांच साल पहले यह हर 167 वयस्कों में एक था. UNAIDS के मुताबिक 2025 में HIV के साथ जी रहे करीब 9,100 लोगों में सिर्फ 39 प्रतिशत को अपनी स्थिति पता थी और केवल 22 प्रतिशत लोग एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट ले रहे थे. विशेषज्ञों ने नशीली दवाओं, असुरक्षित यौन संबंध और सुई शेयर करने को संक्रमण बढ़ने की वजहों में गिना है.

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फिजी में बेकाबू हुआ HIV संक्रमण, घोषित हुआ नेशनल इमरजेंसी; क्यों बिगड़े हालात?Zoomफिजी में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ने के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित हुआ है. (फोटो Reuters)

प्रशांत महासागर में बसा छोटा सा देश फिजी इन दिनों एक बड़े स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. यहां HIV संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं. हालात ऐसे हो गए कि सरकार को नेशनल इमरजेंसी घोषित करना पड़ा. देश की आबादी 10 लाख से भी कम है. इसके बावजूद साल 2025 में ही HIV के 2016 नए मामले सामने आए. अब करीब हर 60 वयस्कों में से एक HIV के साथ जी रहा है. पांच साल पहले यह आंकड़ा हर 167 वयस्कों में एक था. यानी कुछ ही सालों में तस्वीर काफी बदल गई. स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने साफ कहा कि अब सिर्फ प्रकोप स्तर की प्रतिक्रिया काफी नहीं है. संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाने की जरूरत है.

BBC की रिपोर्ट के अनुसार फिजी में HIV से संक्रमित हजारों लोगों तक जांच और इलाज की सुविधाएं अभी पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही हैं. 2025 में करीब 9,100 लोग HIV के साथ जी रहे थे. इनमें सिर्फ 39 प्रतिशत लोगों को अपनी HIV स्थिति की जानकारी थी. एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट लेने वालों की संख्या तो सिर्फ 22 प्रतिशत थी. यानी बड़ी संख्या में लोग या तो अपनी स्थिति से अनजान थे या इलाज तक नहीं पहुंच पा रहे थे. विशेषज्ञों और गैर सरकारी संगठनों ने नशीली दवाओं का इस्तेमाल, असुरक्षित यौन संबंध और सुई साझा करने जैसी वजहों को संक्रमण बढ़ने से जोड़ा है.

फिजी में HIV संक्रमण की मौजूदा स्थिति ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. (फोटो Reuters)

पांच साल में तेजी से बदली तस्वीर

फिजी में HIV संक्रमण की मौजूदा स्थिति ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. आंकड़ों के मुताबिक करीब 9100 लोग 2025 में HIV के साथ जी रहे थे. वहीं उसी साल 2016 नए संक्रमण की पहचान हुई. पांच साल पहले हर 167 वयस्कों में करीब एक व्यक्ति HIV के साथ जी रहा था. अब यह बढ़कर हर 60 वयस्कों में एक हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि अब सामान्य स्तर की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर व्यापक अभियान की जरूरत है.

नशे और असुरक्षित व्यवहार ने बढ़ाई चिंता

हेल्थ एक्सपर्ट और गैर सरकारी संगठनों के मुताबिक संक्रमण बढ़ने के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. इनमें नशीली दवाओं का इस्तेमाल, असुरक्षित यौन संबंध और सुई शेयर करना प्रमुख हैं. रिपोर्ट में ‘ब्लूटूथिंग’ नाम की स्थानीय प्रवृत्ति का भी जिक्र किया गया है. इसमें लोग नशीली दवाओं के सेवन के दौरान सुई शेयर करते हैं. फिजी में साफ सुइयों की उपलब्धता भी एक चुनौती है. ऐसे में सरकार अब सुई और सिरिंज कार्यक्रम शुरू करने जा रही है.

ज्यादातर संक्रमित लोगों को अपनी स्थिति का पता नहीं

HIV संकट का सबसे बड़ा सवाल जांच और इलाज से जुड़ा है. संयुक्त राष्ट्र के HIV-एड्स कार्यक्रम यानी UNAIDS के आंकड़ों के अनुसार 2025 में HIV के साथ जी रहे लोगों में सिर्फ 39 प्रतिशत को अपनी स्थिति का पता था. वहीं केवल 22 प्रतिशत लोग एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट ले रहे थे. इसका मतलब है कि बड़ी आबादी तक जांच और ट्रीटमेंट की पहुंच अभी सीमित है. ऐसे में सरकार अब जांच, इलाज और बचाव सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है.

टैबू भी बन रहा है बड़ी रुकावट

HIV को लेकर सामाजिक टैबू भी फिजी की मुश्किल बढ़ा रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि कई लोग डर और सामाजिक दबाव के कारण जांच कराने या इलाज लेने से बचते हैं. इस स्थिति में बीमारी का पता देर से चलता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के साथ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है. HIV से जुड़े भेदभाव को कम किए बिना संक्रमित लोगों को समय पर जांच और इलाज तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है.

सरकार ने शुरू किया इमरजेंसी स्तर का अभियान

नेशनल इमरजेंसी घोषित करने के बाद फिजी सरकार जांच, इलाज और संक्रमण से बचाव की सेवाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है. इसमें सुई और सिरिंज कार्यक्रम भी शामिल है. इसका मकसद नशीली दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में संक्रमित सुई शेयर करने का जोखिम कम करना है. सरकार का प्रयास है कि ज्यादा लोग अपनी HIV स्थिति जानें और जरूरत पड़ने पर समय पर ट्रीटमेंट शुरू कर सकें.

UNAIDS ने फैसले का किया स्वागत

UNAIDS ने फिजी के नेशनल इमरजेंसी घोषित करने के फैसले का स्वागत किया है. संगठन की कार्यकारी निदेशक विनी ब्यान्यिमा ने कहा कि यह कदम सरकार और समाज के स्तर पर प्रतिक्रिया को तेजी से बढ़ाने की जरूरत को दिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को याद रखना चाहिए कि एड्स खत्म नहीं हुआ है. HIV का संक्रमण तेजी से अपना स्वरूप बदल सकता है. इसलिए स्वास्थ्य और सामुदायिक व्यवस्था को ऐसे संकटों के लिए तैयार रहना जरूरी है. अब फिजी के सामने चुनौती साफ है, ज्यादा जांच, समय पर इलाज और संक्रमण रोकने के साथ उस सामाजिक डर को कम करना, जो लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से दूर कर रहा है.

About the Authorसुमित कुमारSenior Sub Editor

सुमित कुमार हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…

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September 18, 2026, 08:45 IST

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