जोधपुर में 31 किलो मौली से बने गजानन जी, लाल-पीले धागों में दिखा भक्ति का अनोखा रूप

Last Updated:September 18, 2026, 14:17 IST
Mauli Ganesha Idol In Jodhpur: जोधपुर की लाल सिंह कॉलोनी में 31 किलो पवित्र मौली से बनी गजानंद जी की अनोखी प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. समाजसेवी घनश्याम वैष्णव के परिवार की पहल पर लगातार चौथे साल यह आयोजन हो रहा है. 250 से 300 किलो वजनी इस प्रतिमा को बनाने का विचार शुभ कार्यों में मौली के महत्व को देखते हुए आया था. अब यह प्रतिमा शहर की एक अलग पहचान बन चुकी है. 23 सितंबर को यहां प्रसिद्ध गायक प्रकाश माली का विशेष भजन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है.
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Jodhpur: प्रदेशभर में गणपति बाबा की पूजा-अर्चना और आराधना पूरे भक्ति भाव से की जा रही है. हर तरफ उल्लास और उमंग का माहौल है. लेकिन इन सबके बीच राजस्थान के जोधपुर शहर में गजानंद जी की एक बेहद अनोखी प्रतिमा लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. हिंदू धार्मिक परंपराओं में मौली को बहुत शुभ और मांगलिक कार्यों का प्रतीक माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले कलाई पर मौली बांधने की प्राचीन परंपरा रही है. इसी पवित्र और शुभ मौली का विशेष इस्तेमाल कर जोधपुर में गजानंद जी की अद्भुत प्रतिमा तैयार की गई है. मौली के लाल और पीले धागों से सजे गजानन जी का यह स्वरूप अपने आप में बेहद खास और मनमोहक नजर आ रहा है. यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था के साथ-साथ आकर्षण का बड़ा केंद्र बनी हुई है.
इस अनोखी पहल को साकार करने वाले समाजसेवी घनश्याम वैष्णव ने बताया कि जोधपुर की लाल सिंह कॉलोनी में ‘मौली वाले गजानन जी’ का यह भव्य आयोजन लगातार चौथे वर्ष किया जा रहा है. इस बार बप्पा की प्रतिमा को और भी खास रूप दिया गया है. इस बार करीब 31 किलो पवित्र मौली का इस्तेमाल प्रतिमा को पूरी तरह तैयार करने में किया गया है. वहीं, अगर गजानन जी की पूरी प्रतिमा के कुल वजन की बात करें, तो यह करीब 250 से 300 किलो के बीच बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस धार्मिक आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह लगातार बढ़ रहा है. अब तो गणेश उत्सव आते ही लोग खुद पूछने लगते हैं कि इस बार मौली वाले गजानन जी कहां स्थापित किए गए हैं. यही वजह है कि मौली वाले गजानन जी अब पूरे जोधपुर और विशेषकर इस क्षेत्र की एक अलग पहचान बन चुके हैं.
परिवार की चर्चा से निकला अनोखा विचारइस अनूठी प्रतिमा को बनाने के पीछे की कहानी भी बहुत दिलचस्प है. घनश्याम वैष्णव ने बताया कि मौली वाले गजानन जी को स्थापित करने का विचार परिवार के सदस्यों के बीच एक सामान्य चर्चा के दौरान आया था. गणेश चतुर्थी के आयोजन को लेकर उनके बेटों, बहुओं, बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों ने कुछ अलग और नया करने का सुझाव दिया था. इसके बाद काफी सोच-विचार कर पवित्र मौली से गणेश प्रतिमा तैयार करने का विचार सामने आया. धीरे-धीरे परिवार की यह छोटी सी पहल एक बड़े आयोजन में बदल गई और अपनी अलग पहचान बनाने लगी. उन्होंने कहा कि हिंदू परंपरा में मौली का विशेष और पवित्र महत्व है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में मौली, चावल और कुमकुम के साथ भगवान गणेश का सर्वप्रथम स्मरण किया जाता है. इसलिए मौली से गजानन जी का स्वरूप तैयार करना सीधे तौर पर श्रद्धा, पवित्रता और प्राचीन परंपरा से जुड़ा एक खूबसूरत प्रयास है.
23 सितंबर को होगा विशेष धार्मिक आयोजनआयोजन को और अधिक भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं. घनश्याम वैष्णव ने बताया कि इस बार आगामी 23 सितंबर को प्रसिद्ध भजन गायक प्रकाश माली का एक विशाल कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस भजन संध्या कार्यक्रम में जोधपुर के लोग बड़ी संख्या में शामिल होकर बप्पा का आशीर्वाद लेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बार मौली वाले गजानन जी की प्रतिमा जोधपुर शहर में सुंदरता और रचनात्मकता के लिए दूसरे स्थान पर रही थी. इस बार कुछ चुनावी व्यस्तताओं के कारण आयोजन की तैयारियां थोड़ी देर से शुरू हो पाई थीं, लेकिन अब कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयारियां पूरी तरह से जोर-शोर से चल रही हैं. इस विशेष आयोजन को लेकर लाल सिंह कॉलोनी और इसके आसपास के क्षेत्र में रहने वाले तमाम श्रद्धालुओं में खासा उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 14:17 IST



